➤ हिमाचल में जल्द शुरू होंगे चार नए ई-डिपो, नादौन, हरोली, नाहन और ठियोग शामिल
➤ प्रदेश में जल्द सड़कों पर दौड़ेंगी 297 नई इलेक्ट्रिक बसें, एचआरटीसी ने तेज की तैयारियां
➤ एचआरटीसी बीओडी बैठक में टायर और पुर्जों की कमी दूर करने के भी दिए गए निर्देश
शिमला। हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। एचआरटीसी निदेशक मंडल (BOD) की 163वीं बैठक में प्रदेश में चार नए ई-डिपो शुरू करने और 297 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारियों को मंजूरी दी गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि नादौन, हरोली, नाहन और ठियोग को ई-डिपो के रूप में विकसित किया जाएगा। इनमें केवल इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होगा। नादौन, हरोली और ठियोग एचआरटीसी के नए डिपो होंगे, जबकि नाहन पहले से संचालित डिपो है, जिसे अब ई-डिपो के रूप में विकसित किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में ई-बसों के परीक्षण, संचालन और अन्य तैयारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर प्रदेशवासियों को आधुनिक और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
टायर और पुर्जों की कमी पर सख्ती
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने एचआरटीसी बसों में टायर और आवश्यक पुर्जों की कमी पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी बस का संचालन टायर या अन्य जरूरी सामान के अभाव में प्रभावित नहीं होना चाहिए। आवश्यक सामग्री की समय पर उपलब्धता और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
खराब ई-बसों की जल्द होगी मरम्मत
एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि शिमला में खराब पड़ी ई-बसों की मरम्मत जल्द शुरू होगी। इसके लिए पीएमई बस कंपनी के साथ करार करने का निर्णय लिया गया है। कंपनी आवश्यक पुर्जे उपलब्ध कराएगी और उसके इंजीनियर ही बसों की मरम्मत करेंगे। इससे ई-बसों का संचालन और यात्री सुविधाएं बेहतर होंगी।



