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हिमाचल शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: अनुबंध कर्मचारियों के नियमितीकरण पर असमंजस खत्म, बैक डेट का लाभ नहीं मिलेगा

30 सितंबर 2024 और 30 सितंबर 2025 की कट-ऑफ तिथि से ही होगा नियमितीकरण प्रभावी

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया, बैक डेट या नोटेशनल लाभ का कोई प्रावधान नहीं

दो वर्ष की निरंतर अनुबंध सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी ही होंगे नियमितीकरण के पात्र

शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग ने अनुबंध कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर लंबे समय से बनी असमंजस की स्थिति को समाप्त कर दिया है। शिक्षा निदेशालय, शिमला द्वारा सभी उपनिदेशकों (प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा) को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों ने 30 सितंबर 2024 अथवा 30 सितंबर 2025 तक दो वर्ष की निरंतर अनुबंध सेवा पूरी कर ली है, उनका नियमितीकरण संबंधित कट-ऑफ तिथि से ही प्रभावी माना जाएगा। कर्मचारियों को किसी भी पूर्व तिथि से नियमितीकरण का लाभ नहीं दिया जाएगा।

शिक्षा निदेशालय ने यह स्पष्टीकरण सरकार के पत्र संख्या EDUC-A03/3/2026-EDU-C, दिनांक 20 जुलाई 2026 के आधार पर जारी किया है। विभाग ने पत्र में कार्मिक विभाग की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा है कि सरकार ने पात्रता की तिथियां स्पष्ट रूप से निर्धारित कर दी हैं और नियमितीकरण उन्हीं तिथियों से लागू माना जाएगा।

बैक डेट या नोटेशनल लाभ नहीं मिलेगा

शिक्षा विभाग के पत्र का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि 2 अप्रैल 2026 को जारी निर्देशों में कहीं भी नोटेशनल आधार (Back Date) पर नियमितीकरण का लाभ देने का प्रावधान नहीं किया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि कर्मचारियों को पूर्व अवधि का नियमित सेवा लाभ, वरिष्ठता का लाभ या एरियर नहीं मिलेगा। नियमितीकरण का प्रभाव केवल उसी तिथि से माना जाएगा, जिस दिन तक कर्मचारी ने निर्धारित दो वर्ष की निरंतर अनुबंध सेवा पूरी कर ली हो।

किन कर्मचारियों को मिलेगा नियमितीकरण का लाभ

शिक्षा विभाग के स्पष्टीकरण के अनुसार जिन कर्मचारियों ने 30 सितंबर 2024 तक दो वर्ष की निरंतर अनुबंध सेवा पूरी कर ली थी, वे 30 सितंबर 2024 से नियमितीकरण के पात्र माने जाएंगे। इसी प्रकार जिन कर्मचारियों ने 30 सितंबर 2025 तक दो वर्ष की अनुबंध सेवा पूरी कर ली थी, उनका नियमितीकरण 30 सितंबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा।

लंबे समय से था स्पष्टीकरण का इंतजार

नियमितीकरण को लेकर शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों में अलग-अलग स्तर पर व्याख्या की जा रही थी, जिससे कर्मचारियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। कई कर्मचारी यह उम्मीद कर रहे थे कि उन्हें नियमितीकरण का लाभ बैक डेट से मिलेगा, लेकिन निदेशालय के ताजा स्पष्टीकरण के बाद अब स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नियमितीकरण के मामलों में इसी आदेश के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।