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कांगड़ा को मिली इलेक्ट्रिक बसों की सौगात: अजय वर्मा ने 5 ई-बसों को दिखाई हरी झंडी, बोले- अगले साल HRTC की 50% बसें होंगी इलेक्ट्रिक

कांगड़ा बस स्टैंड से 5 नई इलेक्ट्रिक बसों को किया रवाना
अगले वर्ष तक HRTC के बेड़े की 50% बसें होंगी इलेक्ट्रिक
1000 और ई-बसें जल्द होंगी शामिल, बोले HRTC उपाध्यक्ष अजय वर्मा


हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने बुधवार को कांगड़ा बस स्टैंड से पांच नई इलेक्ट्रिक बसों को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से अगले वर्ष तक HRTC के बेड़े में 50 प्रतिशत बसें इलेक्ट्रिक होंगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन अधिक आधुनिक, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बनेगा।

कार्यक्रम के दौरान खंड विकास अधिकारी पारुल कटियार, डीएम पंकज चड्ढा, आरएम साहिल कपूर, नगर परिषद अध्यक्ष सुमन वर्मा, जिला परिषद सदस्य इशांत चौधरी, उपाध्यक्ष राजकुमारी, पार्षद, विभिन्न पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

अजय वर्मा ने पूजा-अर्चना के बाद इलेक्ट्रिक बसों को रवाना किया और स्वयं अधिकारियों के साथ बस में सफर कर नई सेवा का अनुभव भी लिया। उन्होंने कहा कि कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र को इलेक्ट्रिक बस डिपो मिलना यहां के लोगों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार व्यक्त किया।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार HRTC का कायाकल्प करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी नीति के तहत निगम के बेड़े में बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने 300 इलेक्ट्रिक बसों को शिमला से विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना किया था, जिनमें से पांच बसें अब कांगड़ा क्षेत्र के लोगों को समर्पित की गई हैं।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें यात्रियों को आरामदायक, शांत और आधुनिक सफर उपलब्ध कराएंगी। साथ ही इनसे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि इनसे प्रदूषण कम होगा। इसके अलावा डीजल बसों की तुलना में परिचालन लागत कम होने से HRTC की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

अजय वर्मा ने यह भी कहा कि आने वाले समय में 1000 और इलेक्ट्रिक बसें HRTC के बेड़े में शामिल की जाएंगी। इससे प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा लोगों को सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल यात्रा का लाभ मिलेगा।

प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल को ग्रीन ट्रांसपोर्ट मॉडल के रूप में विकसित करना है। इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से न केवल ईंधन पर होने वाला खर्च कम होगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी, जिससे स्वच्छ और हरित हिमाचल के निर्माण को गति मिलेगी।