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हिमाचल में कैबिनेट विस्तार की तैयारी तेज,हिमाचल सीएम ने सुंदर को मंत्री बनाने के संकेत दिए; PAC में होगा फैसला

सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्री बनाने के संकेत, PAC बैठक के बाद होगा अंतिम फैसला
कैबिनेट विस्तार के साथ विभागों में फेरबदल की भी चर्चा, एक पद अभी खाली
14 अगस्त को शिमला आ सकती हैं प्रियंका गांधी, मंडी के क्षतिग्रस्त स्कूल का उद्घाटन संभव


हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार में कैबिनेट विस्तार को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर जल्द ही कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ले सकते हैं। हालांकि, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंतिम फैसला पॉलिटिकल अफेयर कमेटी (PAC) की बैठक में लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अभी PAC की बैठक की तारीख तय नहीं हुई है। बैठक होने के बाद ही मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नेताओं और संभावित विभागीय फेरबदल को लेकर तस्वीर साफ होगी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सुंदर सिंह ठाकुर के मंत्री बनने की चर्चाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है।

खास बात यह है कि मुख्यमंत्री सुक्खू कुछ दिन पहले भी एक मंच से सुंदर सिंह ठाकुर के मंत्री बनने का संकेत दे चुके हैं। अब मीडिया के सामने मुख्यमंत्री के ताजा बयान ने इन अटकलों को और मजबूत कर दिया है।

खाली मंत्री पद को भरने की तैयारी, विस्तार के साथ फेरबदल भी संभव

हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 12 मंत्री हो सकते हैं। वर्तमान में सुक्खू सरकार में मंत्रिमंडल का एक पद खाली है। सरकार के कार्यकाल के लगभग पौने चार साल पूरे होने के बीच इस खाली पद को भरने को लेकर लंबे समय से राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं।

अब मुख्यमंत्री के बयान के बाद माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इस दिशा में फैसला ले सकती है। हालांकि मामला केवल एक खाली पद भरने तक सीमित रहेगा या मंत्रिमंडल में व्यापक बदलाव होगा, इस पर अंतिम निर्णय PAC में ही लिया जाएगा।

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि संभावित विस्तार के साथ कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया जा सकता है। इतना ही नहीं, एक या दो मौजूदा मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाकर नए चेहरों को मौका देने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में अभी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।

सुंदर सिंह ठाकुर के नाम पर क्यों मजबूत हुई दावेदारी


कुल्लू विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के करीबी नेताओं में माना जाता है। वह इसी सरकार में मुख्य संसदीय सचिव (CPS) की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

हालांकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद सुंदर सिंह ठाकुर समेत छह मुख्य संसदीय सचिवों को अपने पद से हटना पड़ा था। इसके बाद से ही सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चाएं लगातार राजनीतिक हलकों में बनी हुई हैं।

अब मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं उनके जल्द मंत्री बनने का संकेत दिए जाने के बाद उनकी दावेदारी पहले के मुकाबले काफी मजबूत मानी जा रही है।

PAC की बैठक के बाद साफ होगी मंत्रिमंडल की तस्वीर


मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा है कि PAC की बैठक के बाद कैबिनेट विस्तार को लेकर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल बैठक की तारीख निर्धारित नहीं हुई है।

यही बैठक यह तय करेगी कि खाली मंत्री पद पर किसे जगह दी जाएगी और क्या मंत्रिमंडल के मौजूदा स्वरूप में भी बदलाव किया जाएगा। यदि सरकार एक या दो मौजूदा मंत्रियों को हटाकर नए चेहरों को शामिल करने का फैसला करती है, तो इसका असर प्रदेश की राजनीति और कांग्रेस संगठन के समीकरणों पर भी पड़ सकता है।

हालांकि अभी तक सरकार की ओर से किसी मौजूदा मंत्री को हटाने की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इस हिस्से को फिलहाल राजनीतिक चर्चा और संभावित बदलाव के तौर पर ही देखा जा रहा है।


सुंदर सिंह ठाकुर का राजनीतिक सफर लंबे समय से जारी है। उनका जन्म 5 मई 1965 को कुल्लू के शलांग में हुआ था। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई की और इसके बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से कानून की शिक्षा हासिल की।

राजनीति के साथ वह बागवानी और होटल व्यवसाय से भी जुड़े रहे हैं। वर्ष 1991 में उन्होंने पहली बार पंचायत समिति का चुनाव जीता। इसके बाद वह कुल्लू पंचायत समिति के अध्यक्ष भी बने।

स्थानीय राजनीति से आगे बढ़ते हुए उन्होंने विधानसभा चुनावी राजनीति में अपनी जगह बनाई और वर्तमान में कुल्लू विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अब उनके संभावित कैबिनेट मंत्री बनने को लेकर प्रदेश की सियासत में चर्चा तेज है।

14 अगस्त को शिमला आ सकती हैं प्रियंका गांधी, मंडी के स्कूल का उद्घाटन संभव


कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के संभावित हिमाचल दौरे को लेकर भी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रियंका गांधी के 14 अगस्त को शिमला आने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मंडी के द्वारी में आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुए एक स्कूल को प्रियंका गांधी के निर्देशों के बाद तैयार कर दिया गया है। बरसात के बाद इस स्कूल में दोबारा कक्षाएं शुरू होने की बात कही गई है।

यदि प्रियंका गांधी का 14 अगस्त का दौरा तय होता है, तो उनके इस स्कूल का उद्घाटन करने की संभावना भी जताई जा रही है।

आपदा के दौरान प्रियंका गांधी ने देखा था क्षतिग्रस्त स्कूल


मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रियंका गांधी का हिमाचल प्रदेश से विशेष लगाव है। आपदा के दौरान उन्होंने मंडी के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। इसी दौरान उन्होंने द्वारी में आपदा से प्रभावित स्कूल को भी देखा था।

स्कूल के क्षतिग्रस्त होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। प्रियंका गांधी ने उस समय बच्चों की शिक्षा को बाधित नहीं होने देने पर जोर दिया था। इसके बाद स्कूल को दोबारा तैयार करने की दिशा में काम किया गया।

अब स्कूल के तैयार होने के बाद यहां फिर से कक्षाएं शुरू कराने की तैयारी है। ऐसे में प्रियंका गांधी का संभावित दौरा हिमाचल में आपदा के बाद पुनर्निर्माण कार्यों को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सेब बागवानों को सरकार का भरोसा, MIS में 100 नहीं 400 बोरी तक खरीद की बात


मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश के सेब बागवानों को लेकर भी बड़ा आश्वासन दिया है। उन्होंने मंडी मध्यस्थता योजना यानी MIS के तहत सेब खरीद को लेकर कहा कि सरकार बागवानों की केवल 100 बोरी ही नहीं, बल्कि जरूरत के अनुसार 200, 300 या 400 बोरी सेब भी खरीदेगी।

इसके लिए बागवानों को MIS पोर्टल पर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। सरकार की ओर से यह आश्वासन ऐसे समय दिया गया है, जब प्रदेश में सेब सीजन शुरू हो चुका है और बागवान अपनी उपज के उचित मूल्य और सरकारी खरीद व्यवस्था को लेकर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार बागवानों के हितों की अनदेखी नहीं करेगी और उन्हें किसी ऐसी प्रक्रिया में नहीं फंसाया जाएगा जिससे उनकी परेशानी बढ़े।

पिछले सेब सीजन के नोटिस पर भी सरकार ने दिया भरोसा

मुख्यमंत्री ने पिछले सेब सीजन से संबंधित एक और महत्वपूर्ण मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि जिन बागवानों को एसडीएम के माध्यम से नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश अधिकारियों को दे दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बागवान पर जबरन कोई नियम नहीं थोपा जाएगा। सरकार का रुख बागवानों के हित में है और उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।

इस आश्वासन से उन बागवानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो पिछले सीजन से संबंधित नोटिसों को लेकर चिंतित थे।

एक तरफ कैबिनेट विस्तार, दूसरी तरफ प्रियंका का संभावित दौरा और सेब पर सरकार का भरोसा

मुख्यमंत्री सुक्खू के एक ही बयान में प्रदेश की राजनीति और सरकार से जुड़े कई अहम मुद्दे सामने आए हैं। कैबिनेट विस्तार, संभावित विभागीय फेरबदल और सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्री बनाए जाने के संकेत ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में चर्चा बढ़ा दी है।

वहीं 14 अगस्त को प्रियंका गांधी के संभावित हिमाचल दौरे की जानकारी भी राजनीतिक रूप से अहम है। इसके साथ ही सेब खरीद को लेकर बागवानों को दिया गया आश्वासन सरकार के लिए एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा है।

अब निगाहें PAC की बैठक पर रहेंगी। इसी बैठक के बाद यह स्पष्ट होगा कि सुक्खू सरकार केवल खाली मंत्री पद भरती है या मंत्रिमंडल में व्यापक बदलाव का फैसला भी लेती है। फिलहाल मुख्यमंत्री के बयान से इतना जरूर स्पष्ट है कि प्रदेश में कैबिनेट विस्तार की फाइल एक बार फिर सक्रिय हो चुकी है और सुंदर सिंह ठाकुर का नाम इस दौड़ में सबसे प्रमुखता से सामने आया है।