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156 फीट तिरंगे से बढ़ा नगरोटा बगवां का गौरव, मेधावी छात्र सम्मानित; आरएस बाली ने वीरों को किया नमन

➤ नगरोटा बगवां में आरएस बाली ने फहराया तिरंगा, 156 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज राष्ट्र को किया समर्पित
➤ मेधावी छात्र-छात्राएं सम्मानित, स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों के बलिदान को किया नमन
➤ शिक्षा, जनसेवा और विकास को राष्ट्रनिर्माण से जोड़ते हुए आरएस बाली ने युवाओं को दिया बड़ा संदेश


नगरोटा बगवां। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर नगरोटा बगवां देशभक्ति, सम्मान और उपलब्धियों के रंग में नजर आया। ऐतिहासिक गांधी ग्राउंड में आयोजित समारोह में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन एवं नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली ने तिरंगा फहराकर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। उन्होंने विभिन्न परेड टुकड़ियों का निरीक्षण किया और स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों तथा देश की एकता और अखंडता की रक्षा में अपना योगदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक याद किया।

समारोह में देशभक्ति के साथ शिक्षा और युवा प्रतिभा को भी विशेष सम्मान मिला। क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों को सराहा गया। विद्यार्थियों को सम्मानित करने के पीछे संदेश साफ था कि राष्ट्र निर्माण में आज के विद्यार्थी ही कल की सबसे बड़ी ताकत हैं।

इस अवसर पर नगरोटा बगवां की धरती पर एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ा, जब 156 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज को राष्ट्र को समर्पित किया गया। विशाल तिरंगे के लहराते ही समारोह स्थल पर मौजूद लोगों में गर्व और देशभक्ति की भावना दिखाई दी।

156 फीट ऊंचे तिरंगे ने बढ़ाया नगरोटा बगवां का गौरव

स्वतंत्रता दिवस समारोह का सबसे खास आकर्षण 156 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज रहा। आरएस बाली ने इस विशाल तिरंगे को राष्ट्र को समर्पित किया।

उन्होंने कहा कि यह नगरोटा बगवां के लिए केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, एकता और देश के प्रति समर्पण का प्रतीक है। यह तिरंगा आने वाली पीढ़ियों को देश के लिए कुछ बेहतर करने और राष्ट्रसेवा के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।

उन्होंने कहा कि नगरोटा बगवां की धरती से आसमान की ऊंचाई तक लहराता यह तिरंगा देश के प्रति सम्मान और संकल्प का प्रतीक है। आने वाले समय में यह क्षेत्र की पहचान और गौरव से भी जुड़ने वाला महत्वपूर्ण स्थल बनेगा।

मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान, प्रतिभा को मिला मंच

स्वतंत्रता दिवस समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों को सार्वजनिक मंच पर सम्मान मिलना समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

आरएस बाली ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत सफलता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के निर्माण का आधार भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत से उपलब्धि हासिल की है, वे दूसरे बच्चों के लिए भी प्रेरणा हैं। आज के मेधावी विद्यार्थी भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदार नागरिक बनकर देश की प्रगति में योगदान दे सकते हैं।

स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक किया याद

समारोह में स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों और अमर शहीदों को विशेष रूप से याद किया गया। आरएस बाली ने कहा कि आज देश जिस आजादी में सांस ले रहा है, उसके पीछे करोड़ों लोगों का संघर्ष और बलिदान है।

उन्होंने कहा कि अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ लंबा संघर्ष किया। सैकड़ों और हजारों लोगों ने जेल यातनाएं सहीं, अपने परिवारों से दूर रहे और देश की आजादी के लिए अपना जीवन तक दांव पर लगा दिया।

आरएस बाली ने कहा कि आज हम स्वतंत्र भारत में सोच पा रहे हैं, बोल पा रहे हैं और अपने सपनों को पूरा करने के लिए स्वतंत्र हैं तो इसके पीछे उन वीरों के बलिदान की बड़ी भूमिका है।

उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के सभी सेनानियों और देश की सीमाओं तथा एकता-अखंडता की रक्षा करने वाले वीर जवानों को नमन किया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल ध्वजारोहण और समारोह का दिन नहीं है, बल्कि यह आत्ममंथन करने का अवसर भी है कि हम अपने देश और समाज के लिए क्या कर रहे हैं।

आरएस बाली बोले- जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना ही सच्ची राष्ट्रसेवा

आरएस बाली ने कहा कि आजाद भारत को और बेहतर बनाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि अपने काम को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करना, जरूरतमंद की मदद करना, समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम करना और प्रदेश के विकास में अपना योगदान देना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।

उन्होंने कहा कि देश की सेवा अलग-अलग रूपों में की जा सकती है। कोई जवान सीमा पर देश की रक्षा करता है, कोई शिक्षक बच्चों का भविष्य बनाता है, कोई डॉक्टर लोगों का जीवन बचाता है और कोई युवा अपनी मेहनत से नई उपलब्धियां हासिल करता है। हर जिम्मेदार नागरिक का ईमानदार योगदान राष्ट्र निर्माण का हिस्सा है।

शिक्षा को मजबूत बनाने पर सरकार का जोर

आरएस बाली ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदेश के विकास की बुनियाद है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने डा. वाईएस परमार योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत पात्र विद्यार्थियों को रियायती दर पर शिक्षा ऋण की सुविधा उपलब्ध करवाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की पढ़ाई में बाधा नहीं बननी चाहिए। सरकार का प्रयास है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलें और वे अपनी प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ सकें।

मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान भी इसी सोच का हिस्सा रहा। समारोह में विद्यार्थियों को सम्मान देकर यह संदेश दिया गया कि मेहनत और प्रतिभा को समाज में पहचान मिलनी चाहिए

युवाओं के भविष्य और बच्चों के कल्याण पर जोर

आरएस बाली ने कहा कि बच्चों और युवाओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश की वास्तविक ताकत उसके युवा होते हैं।

यदि युवाओं को अच्छी शिक्षा, रोजगार के अवसर, उचित मार्गदर्शन और अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिले तो वे प्रदेश की तस्वीर बदल सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित नहीं रहने, बल्कि अच्छे नागरिक बनने की दिशा में भी आगे बढ़ने का आह्वान किया।

विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना लक्ष्य

आरएस बाली ने कहा कि विकास और जनकल्याण का वास्तविक अर्थ तभी है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने और आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर देना है।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करना भी उतना ही जरूरी है।

गांधी ग्राउंड में परेड ने बांधा देशभक्ति का माहौल

गांधी ग्राउंड में ध्वजारोहण के बाद आरएस बाली ने विभिन्न परेड टुकड़ियों का निरीक्षण किया। अनुशासित कदमताल और राष्ट्रभक्ति के माहौल ने समारोह को गरिमापूर्ण बना दिया।

परेड के दौरान देश की एकता, अनुशासन और समर्पण की भावना दिखाई दी। समारोह में मौजूद लोगों ने भी पूरे उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में भाग लिया।

इस दौरान तिरंगे, वीरों की स्मृति और विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने कार्यक्रम को केवल एक सरकारी समारोह न रखकर राष्ट्रभक्ति, सम्मान और प्रेरणा का आयोजन बना दिया।

नगरोटा बगवां के लिए यादगार रहा 80वां स्वतंत्रता दिवस

नगरोटा बगवां में इस बार का स्वतंत्रता दिवस कई कारणों से विशेष रहा। गांधी ग्राउंड में तिरंगा फहराने से लेकर 156 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज के लोकार्पण, मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान और स्वतंत्रता सेनानियों व वीर जवानों को नमन तक समारोह में राष्ट्रभक्ति के कई रंग दिखाई दिए।

एक तरफ देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले वीरों को याद किया गया, तो दूसरी तरफ भविष्य के भारत की नींव तैयार कर रहे मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

यही इस समारोह का सबसे महत्वपूर्ण संदेश भी रहा कि आजादी केवल बीते संघर्ष की विरासत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जिम्मेदारी भी है। तिरंगा उस जिम्मेदारी का प्रतीक है और विद्यार्थियों की उपलब्धियां उस भारत की उम्मीद हैं, जिसे और मजबूत बनाने का संकल्प हर नागरिक को लेना होगा।

आरएस बाली ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। वीरों के बलिदान को याद करते हुए, युवाओं की प्रतिभा को सम्मान देकर और जनसेवा को प्राथमिकता देकर ही आजादी के वास्तविक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है।