➤ सुरेंद्र काकू बोले- मैंने पैसे देकर नहीं, विकास करके वोट लिया है
➤ हर महिला शक्ति को 1500 रुपये देने और महिला मंडल भवनों के लिए मदद का दावा
➤ कोहाला में विकास कार्य गिनाकर बोले- अधूरे हैंडपंपों पर राजनीति से जनता रहे सजग
कांगड़ा। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव एवं पूर्व विधायक चौधरी सुरेंद्र काकू ने अपने कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में जोरदार विकास संपर्क अभियान के तहत अपर कोहाला गांव का दौरा किया। अभियान के दूसरे चरण में वह कोहाला स्थित नैना महिला मंडल की महिलाओं के बीच पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की ओर से रखी गई मांगों को पूरा करवाने का भरोसा दिलाया।
महिला शक्ति के बीच पहुंचे सुरेंद्र काकू ने कहा कि उन्होंने कभी पैसे देकर वोट नहीं खरीदे, बल्कि विकास कार्य करवाकर जनता का समर्थन हासिल किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क, पुल, पेयजल, स्कूल, रास्तों और हैंडपंप सहित कई विकास कार्य करवाए गए हैं और आने वाले समय में भी क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार विकास को आगे बढ़ाया जाएगा।
हर महिला शक्ति को 1500 रुपये देने का दावा
महिलाओं के बीच सुरेंद्र काकू ने कहा कि सुक्खू सरकार हर महिला शक्ति को 1500 रुपये देगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण के साथ-साथ महिला मंडलों की गतिविधियों को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने महिला मंडल भवनों के निर्माण और जागरूकता गतिविधियों के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की बात कही। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला मंडल केवल सामाजिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांवों में जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने महिलाओं की ओर से रखी गई मांगों को ध्यान से सुना और कहा कि क्षेत्र की प्राथमिक जरूरतों को संबंधित विभागों के माध्यम से पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा।
कोहाला में 25 लाख के पुल से लेकर करोड़ों की योजनाएं गिनाईं
सुरेंद्र काकू ने कोहाला गांव में करवाए गए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि बरसात के दौरान 25 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण करवाया गया। उन्होंने कहा कि सड़क से लेकर नागनी माता मंदिर तक करीब 50 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण करवाया गया है।
उन्होंने बताया कि खोपू गांव की सड़क का निर्माण भी करवाया जा रहा है। इसके अलावा घुरकड़ी गांव से अपर कोहाला तक करीब आठ किलोमीटर सड़क के निर्माण पर तीन करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
पूर्व विधायक ने कहा कि मनुनी खड्ड कोहाला में दो करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माण का कार्य भी करवाया गया। उनके अनुसार इन विकास योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध करवाने के साथ बरसात के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करना है।
चार करोड़ की पेयजल योजना और स्कूल को लेकर भी किया दावा
कोहाला गांव में पेयजल सुविधा का जिक्र करते हुए सुरेंद्र काकू ने कहा कि चार करोड़ रुपये की लागत से पेयजल योजना का निर्माण करवाया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या को दूर करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
उन्होंने गांव के स्कूल में कमरों के निर्माण और विद्यालय को दसवीं कक्षा तक करवाने का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि ग्रामीण बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर शिक्षा की सुविधा मजबूत करना जरूरी है।
सुरेंद्र काकू ने कहा कि शिक्षा, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का सीधा संबंध ग्रामीण परिवारों के जीवन से है। इसलिए इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई।
दो करोड़ से कुल्हों का निर्माण, रास्तों और हैंडपंपों पर भी जोर
पूर्व विधायक ने बताया कि कोहाला गांव में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से कुल्हों का निर्माण करवाया गया है। इसके अलावा लाखों रुपये खर्च कर ग्रामीण रास्तों का निर्माण करवाने और कई स्थानों पर हैंडपंप स्थापित करने का भी दावा किया।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में लोगों की जरूरत के अनुसार हैंडपंप लगाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इन योजनाओं को महत्वपूर्ण बताया गया।
उन्होंने बिजली बिलों से राहत का भी जिक्र करते हुए कहा कि कई हैंडपंपों पर बिजली मोटरें लगवाई गईं और लोगों को बिजली बिल देने से मुक्त करवाया गया।
कुछ हैंडपंपों पर मोटर लगाने को लेकर विपक्ष पर निशाना
सुरेंद्र काकू ने कहा कि कुछ हैंडपंप ऐसे रह गए हैं, जिन पर अभी मोटरें नहीं लग पाई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी लोग इन हैंडपंपों पर मोटर लगाकर इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि जनता को ऐसे मामलों में सजग और जागरूक रहना चाहिए तथा विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को समझने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विकास कार्य किसी राजनीतिक प्रचार का विषय नहीं, बल्कि जनता की सुविधा से जुड़े मुद्दे हैं। उनके अनुसार क्षेत्र के लोगों ने जिन समस्याओं और जरूरतों को सामने रखा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा।
महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की मांगों पर पूरा करने का भरोसा
अपर कोहाला में ग्रामीणों से संवाद के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने स्थानीय स्तर की कई मांगें उनके सामने रखीं। सुरेंद्र काकू ने कहा कि जो भी मांगें क्षेत्र के विकास और लोगों की सुविधा से जुड़ी हैं, उन्हें पूरा करवाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विकास संपर्क अभियान का उद्देश्य केवल लोगों से मिलना नहीं, बल्कि गांव-गांव जाकर उनकी समस्याओं को सीधे सुनना है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई ऐसी समस्याएं होती हैं, जिनकी जानकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक समय पर नहीं पहुंच पाती। ऐसे में सीधे संवाद के माध्यम से समस्याओं की पहचान करना जरूरी है।
बोले- विकास मेरा सबसे बड़ा आधार
अपने संबोधन के दौरान सुरेंद्र काकू ने अपने राजनीतिक कार्यकाल में करवाए गए विकास कार्यों को गिनाते हुए कहा कि उन्होंने कभी पैसे देकर वोट खरीदने की राजनीति नहीं की। उनका कहना था कि उन्होंने विकास के आधार पर जनता का विश्वास हासिल किया है।
उन्होंने कोहाला में सड़क, पुल, पेयजल, शिक्षा, कुल्हों, रास्तों और हैंडपंपों से जुड़े कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में विकास का सिलसिला आगे भी जारी रहना चाहिए।
सुरेंद्र काकू ने कहा कि ग्रामीण जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करवाना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। उन्होंने महिला शक्ति से भी क्षेत्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
महिला मंडलों को मजबूत करने पर जोर
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला मंडलों की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि महिला मंडल गांवों में सामाजिक गतिविधियों और जागरूकता कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने महिला मंडल भवनों और जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध करवाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत किए बिना गांवों का समग्र विकास संभव नहीं है। महिला शक्ति को विकास प्रक्रिया में बराबर की भागीदारी मिलनी चाहिए।
अपर कोहाला में हुए इस कार्यक्रम के दौरान सुरेंद्र काकू ने ग्रामीणों के साथ संवाद किया और क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच लगातार संवाद जरूरी है।



