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हिमाचल विधानसभा के बाहर सियासी संग्राम: महंगाई और हिमकेयर को लेकर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

कांग्रेस ने महंगाई और जनहित के मुद्दों को लेकर विधानसभा परिसर में किया प्रदर्शन
जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा ने हिमकेयर समेत सरकार के कामकाज पर उठाए सवाल
मानसून सत्र में दोनों दलों के प्रदर्शन से गरमाई सियासत, आने वाले दिनों में टकराव बढ़ने के आसार


शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को विधानसभा परिसर के बाहर सत्ता पक्ष कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच सियासी टकराव साफ दिखाई दिया। दोनों दलों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया और एक-दूसरे की नीतियों तथा कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। विधानसभा परिसर में हुई नारेबाजी ने प्रदेश की सियासत को और गर्म कर दिया।

सत्तारूढ़ कांग्रेस की ओर से उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में विधायकों ने महंगाई और जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों को निशाने पर लेते हुए आम लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

वहीं, विपक्षी भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। भाजपा विधायकों ने हिमकेयर स्वास्थ्य योजना समेत प्रदेश सरकार के कामकाज से जुड़े कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा।

कांग्रेस ने महंगाई को बनाया मुद्दा, केंद्र की नीतियों पर निशाना

कांग्रेस विधायकों के प्रदर्शन में महंगाई प्रमुख मुद्दा रहा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने जनता से जुड़े विषयों को उठाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।

कांग्रेस का कहना रहा कि बढ़ती महंगाई का सीधा असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ता है। इसी को आधार बनाकर पार्टी ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन के जरिए जनता से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की।

मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब सदन के भीतर भी सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल रही है। ऐसे में विधानसभा परिसर के बाहर हुए प्रदर्शन ने सत्र के राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया।

भाजपा ने हिमकेयर को लेकर सरकार को घेरा

दूसरी ओर भाजपा विधायक दल ने हिमकेयर स्वास्थ्य योजना को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया।

भाजपा ने हिमकेयर योजना से जुड़े मामलों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। विपक्ष ने संकेत दिया कि इस मुद्दे को विधानसभा के भीतर भी प्रमुखता से उठाया जाएगा और सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

भाजपा के प्रदर्शन में प्रदेश सरकार के कामकाज से जुड़े अन्य विषय भी शामिल रहे। विपक्ष का प्रयास रहा कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार को उन मुद्दों पर घेरा जाए, जिनका सीधा संबंध आम लोगों और प्रदेश की व्यवस्थाओं से है।

एक ही परिसर में अलग-अलग मुद्दों पर आमने-सामने दिखे दोनों दल

मंगलवार को विधानसभा परिसर का माहौल इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने एक ही समय में अलग-अलग मुद्दों को लेकर राजनीतिक प्रदर्शन किया।

एक ओर कांग्रेस महंगाई और जनहित से जुड़े विषयों के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साध रही थी, तो दूसरी ओर भाजपा हिमकेयर सहित प्रदेश सरकार के कामकाज से जुड़े सवालों को लेकर प्रदर्शन कर रही थी।

दोनों दलों के प्रदर्शन से यह साफ संकेत मिला कि मानसून सत्र केवल सदन के भीतर बहस तक सीमित नहीं रहने वाला है। विधानसभा परिसर के बाहर भी राजनीतिक मुद्दों को लेकर शक्ति प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।

मानसून सत्र में पहले से गरम है राजनीतिक माहौल

हिमाचल विधानसभा का मौजूदा मानसून सत्र पिछले दिनों से ही कई राजनीतिक विवादों और आरोप-प्रत्यारोप के कारण चर्चा में है। राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से जुड़े विवाद को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार सामने आ चुकी है।

सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष की ओर से संबंधित घटनाक्रम की फुटेज सार्वजनिक करने की मांग उठाई गई थी। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक और हंगामे की स्थिति भी बनी थी।

अब विधानसभा परिसर के बाहर कांग्रेस और भाजपा के अलग-अलग प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। दोनों दल अपने-अपने मुद्दों को जनता तक पहुंचाने के लिए आक्रामक रणनीति अपनाते दिखाई दे रहे हैं।

आने वाले दिनों में और तीखी हो सकती है बहस

मानसून सत्र के दौरान जिस तरह दोनों प्रमुख दल आमने-सामने आ रहे हैं, उससे आने वाले दिनों में सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

कांग्रेस की ओर से महंगाई और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता दी जा रही है, जबकि भाजपा हिमकेयर तथा प्रदेश सरकार के कामकाज से जुड़े विषयों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

ऐसे में विधानसभा सत्र के बाकी दिनों में इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। विधानसभा परिसर में मंगलवार को हुआ प्रदर्शन इसी बढ़ते राजनीतिक टकराव का एक और संकेत माना जा रहा है।

सियासी संदेश देने की कोशिश में दोनों खेमे

विधानसभा परिसर के बाहर हुए दोनों दलों के प्रदर्शन को केवल विरोध-प्रदर्शन के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए सियासी संदेश देने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

कांग्रेस जहां जनता से जुड़े मुद्दों के जरिए केंद्र की नीतियों को कठघरे में खड़ा करना चाहती है, वहीं भाजपा प्रदेश सरकार की योजनाओं और कामकाज में कमियां गिनाकर विपक्ष की भूमिका को मजबूत करने में जुटी है।

मानसून सत्र आगे बढ़ने के साथ यह राजनीतिक मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सदन के भीतर इन मुद्दों पर सरकार क्या जवाब देती है और विपक्ष किस तरह आगे की रणनीति तय करता है।