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मंडी: हिमाचल में आरएसएस स्कूलों की पैरवी, कंगना बोलीं- भाजपा सरकार बनी तो लागू करेंगे योजना

कंगना रनौत ने हिमाचल में आरएसएस से जुड़े स्कूल शुरू करने की पैरवी की

बोलीं- भाजपा सरकार बनी तो राज्य में लागू करेंगे ऐसी शैक्षणिक पहल

पश्चिम बंगाल में विद्या भारती संस्थानों का उदाहरण देकर ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए बताया उपयोगी


संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी। मंडी लोकसभा क्षेत्र की सांसद एवं भाजपा नेता कंगना रनौत ने हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े स्कूल और शैक्षणिक संस्थान शुरू करने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनती है तो राज्य में ऐसी शैक्षणिक पहल शुरू की जानी चाहिए। कंगना ने इसे अच्छी पहल बताते हुए कहा कि हिमाचल में भी इसे दोहराया जाना चाहिए।

कंगना ने यह टिप्पणी मंडी में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में आरएसएस से जुड़े स्कूलों और शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की इच्छा जताई और कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर इस दिशा में काम किया जा सकता है।

ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए पहल को बताया उपयोगी

कंगना ने आरएसएस से जुड़े शैक्षणिक प्रयासों का उल्लेख करते हुए संगठन की ओर से संचालित विभिन्न शिक्षा एवं छात्र सहायता पहलों की सराहना की। उनके अनुसार ऐसे संस्थानों और कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध करवाने के लिए इस तरह की पहल उपयोगी हो सकती है। कंगना ने हिमाचल प्रदेश में भी इसी तरह की शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की इच्छा जताई।

उनका कहना है कि राज्य में ऐसी पहल शुरू होने से विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने आरएसएस से जुड़े संस्थानों और कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को मिलने वाले अवसरों का भी उल्लेख किया।

पश्चिम बंगाल की पहल का दिया उदाहरण

कंगना का यह बयान पश्चिम बंगाल में विद्या भारती से जुड़े संस्थानों के विस्तार की चर्चा के बीच सामने आया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित विद्या भारती संस्थानों का उदाहरण देते हुए कहा कि इसी तरह की योजना हिमाचल प्रदेश में भी लागू की जानी चाहिए।

कंगना ने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनती है तो इस दिशा में काम किया जा सकता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित पहल को उदाहरण के तौर पर रखते हुए हिमाचल में भी इसी तरह की शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने की बात कही।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक चर्चा के बीच आया बयान

कंगना की इस टिप्पणी के साथ ही हिमाचल में शिक्षा व्यवस्था और गैर-सरकारी संगठनों की शैक्षणिक भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब देश के विभिन्न राज्यों में स्कूल शिक्षा के मॉडल और पाठ्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

कंगना ने यह टिप्पणी मंडी में दिशा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में आरएसएस से जुड़े स्कूल और शैक्षणिक संस्थान शुरू करने की पैरवी करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर ऐसी योजना को राज्य में लागू किया जाना चाहिए।

कंगना ने शैक्षणिक संस्थानों और छात्र सहायता पहलों की सराहना की

मीडिया से बातचीत के दौरान कंगना ने आरएसएस की ओर से संचालित विभिन्न शैक्षणिक और छात्र सहायता पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने ऐसे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इनसे विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।

उन्होंने हिमाचल में भी ऐसी पहल को दोहराने की बात कही। कंगना के मुताबिक ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में इस तरह की पहल उपयोगी हो सकती है।

कंगना के बयान में हिमाचल प्रदेश में आरएसएस से जुड़े स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को बढ़ावा देने की पैरवी स्पष्ट रूप से सामने आई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद इस दिशा में काम किया जा सकता है।