Follow Us:

आईजीएमसी शिमला में छह माह की बच्ची स्वाइन फ्लू पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

➤ आईजीएमसी शिमला में छह माह की बच्ची स्वाइन फ्लू पॉजिटिव
➤ कुल्लू की रहने वाली बच्ची का अस्पताल में चल रहा उपचार
➤ स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, वायरल मरीजों की रैंडम सैंपलिंग के निर्देश


शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में छह माह की बच्ची स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाई गई है। बच्ची जिला कुल्लू की रहने वाली है। तेज बुखार के बाद परिजन उसे जांच और उपचार के लिए आईजीएमसी लेकर पहुंचे थे। चिकित्सकों ने बच्ची के लक्षणों को देखते हुए स्वाइन फ्लू की जांच कराने की सलाह दी थी।

इसके बाद बच्ची का सैंपल प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में बच्ची के स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। फिलहाल बच्ची का उपचार आईजीएमसी में चल रहा है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है।

स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

आईजीएमसी में स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। विभाग की ओर से लोगों से संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की गई है। विशेष रूप से भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में वायरल संक्रमण के लक्षण वाले मरीजों की निगरानी बढ़ाने और जरूरत के अनुसार रैंडम सैंपलिंग करने को कहा गया है।

विभाग की ओर से लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षण सामने आने पर समय पर चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी गई है।

लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति में स्वाइन फ्लू से संबंधित लक्षण दिखाई देते हैं तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय सलाह लेकर समय पर जांच करवाने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा ने बताया कि आईजीएमसी में स्वाइन फ्लू का एक मामला सामने आया है। उन्होंने पुष्टि की कि छह माह की बच्ची की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और उसका उपचार अस्पताल में चल रहा है।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सावधानी बरतने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने और बीमारी के लक्षण नजर आने पर समय पर चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी गई है।

वायरल मामलों में रैंडम सैंपलिंग के निर्देश

स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में वायरल संक्रमण के लक्षण वाले मरीजों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जरूरत के अनुसार रैंडम सैंपलिंग भी की जाएगी, ताकि ऐसे मामलों की पहचान की जा सके।

स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों को अलर्ट रहने के साथ ही लोगों से भी संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाने और लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया गया है।