➤ हिमाचल के पांच खिलाड़ी कजाकिस्तान में दिखाएंगे दमखम, कुराश वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में चयन
➤ गुंजन ठाकुर, सिद्धार्थ ठाकुर, वंशिका, शौर्यवीर यादव और चेतन कपूर ने चयन ट्रायल में बनाई जगह
➤ नवंबर 2026 में अस्ताना में होगी XV वर्ल्ड सीनियर कुराश चैंपियनशिप, खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद
ऊना। हिमाचल प्रदेश के खेल जगत के लिए गर्व की खबर सामने आई है। प्रदेश के पांच कुराश खिलाड़ियों का चयन भारतीय टीम में XV वर्ल्ड सीनियर कुराश चैंपियनशिप के लिए हुआ है। यह प्रतिष्ठित विश्व चैंपियनशिप नवंबर 2026 में कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित होगी। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर हिमाचल के पांच खिलाड़ी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन करने की चुनौती पेश करेंगे।
भारतीय टीम में जगह बनाने वाले हिमाचली खिलाड़ियों में गुंजन ठाकुर (-63 किग्रा), सिद्धार्थ ठाकुर (-100 किग्रा), वंशिका (-57 किग्रा), शौर्यवीर यादव (-120 किग्रा) और चेतन कपूर (-90 किग्रा) शामिल हैं। पांचों खिलाड़ियों के चयन से हिमाचल के खेल जगत में खुशी का माहौल है। कुराश जैसे खेल में प्रदेश के खिलाड़ियों की लगातार मजबूत होती मौजूदगी को खेल प्रतिभा के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए एक साथ पांच खिलाड़ियों का भारतीय टीम में चयन हिमाचल में इस खेल के बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाता है। अब इन खिलाड़ियों की नजरें अस्ताना में होने वाली प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन और देश के लिए पदक जीतने पर रहेंगी।
चयन ट्रायल में शानदार प्रदर्शन के दम पर बनाई भारतीय टीम में जगह
हिमाचल कुराश के कोषाध्यक्ष हरदेव सिंह नेगी ने बताया कि विश्व चैंपियनशिप के लिए आयोजित चयन ट्रायल में केवल निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को ही भाग लेने का अवसर दिया गया था।
इसी कड़ी प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया में हिमाचल के इन पांच खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया और भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की की। राष्ट्रीय स्तर पर पहले से अपनी प्रतिभा साबित कर चुके इन खिलाड़ियों के लिए अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का बड़ा अवसर है।
हरदेव सिंह नेगी ने पांचों खिलाड़ियों के चयन को प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इससे हिमाचल के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है।
पांच खिलाड़ियों का चयन ऐसे समय में हुआ है, जब प्रदेश में कुराश को लेकर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के बीच रुचि लगातार बढ़ रही है। राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के बाद अब खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर चुनौती का सामना करना होगा।
जूडो और कुश्ती से मिलता-जुलता है कुराश का खेल
कुराश उज्बेकिस्तान का पारंपरिक युद्ध-कौशल है। इसकी तकनीक और मुकाबले का स्वरूप जूडो और कुश्ती से काफी मिलता-जुलता है। इस खेल में खिलाड़ी का मुख्य लक्ष्य अपने प्रतिद्वंद्वी को पीठ के बल गिराना होता है।
कुराश को एशियाई खेलों में भी शामिल किया गया है। इसके अलावा इसे इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी से मान्यता प्राप्त है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल की पहचान लगातार मजबूत हुई है।
हिमाचल प्रदेश में भी पिछले कुछ वर्षों के दौरान कुराश ने तेजी से अपनी जगह बनाई है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। इसके चलते कुराश अब हिमाचल के उन खेलों में शामिल हो गया है, जिनसे प्रदेश को लगातार पदक मिलने की उम्मीद रहती है।
लगातार उपलब्धियों से हिमाचल में बढ़ी कुराश की लोकप्रियता
हिमाचल में कुराश के विस्तार के पीछे खिलाड़ियों की मेहनत और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विभिन्न प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने युवाओं को भी इस खेल की ओर आकर्षित किया है।
प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल करने और अब विश्व चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने से कुराश को हिमाचल में नई पहचान मिली है। पांच खिलाड़ियों का एक साथ विश्व चैंपियनशिप के लिए चयन इस खेल की प्रदेश में मजबूत होती स्थिति का संकेत है।
अब खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर न केवल उनके परिवार और प्रशिक्षकों की बल्कि पूरे हिमाचल के खेल प्रेमियों की नजर रहेगी।
विरेंद्र धौल्टा के मार्गदर्शन में चल रही तैयारी
भारतीय टीम के लिए चयनित पांचों खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय कुराश कोच और हिमाचल प्रदेश में कुराश के संस्थापक एवं महासचिव विरेंद्र धौल्टा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
विश्व चैंपियनशिप में मुकाबले का स्तर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होगा। ऐसे में खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस और मानसिक तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अस्ताना में होने वाली प्रतियोगिता से पहले खिलाड़ियों के सामने अपने प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप ढालने की चुनौती है।
भारतीय टीम में चयन के बाद खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब प्रशिक्षण का लक्ष्य केवल प्रतियोगिता में हिस्सा लेना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी प्रदर्शन कर पदक की दौड़ में शामिल होना होगा।
पांचों खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद
हिमाचल के पांचों खिलाड़ियों का अलग-अलग भार वर्गों में चयन हुआ है। गुंजन ठाकुर (-63 किग्रा), सिद्धार्थ ठाकुर (-100 किग्रा), वंशिका (-57 किग्रा), शौर्यवीर यादव (-120 किग्रा) और चेतन कपूर (-90 किग्रा) अपने-अपने वर्ग में भारत की चुनौती पेश करेंगे।
अलग-अलग भार वर्गों में हिमाचल की मौजूदगी भारतीय टीम के लिए भी महत्वपूर्ण है। खिलाड़ियों को विश्व के अलग-अलग देशों के मजबूत खिलाड़ियों से मुकाबला करना होगा। ऐसे में नवंबर में अस्ताना में होने वाली चैंपियनशिप उनके करियर के लिए भी अहम पड़ाव साबित हो सकती है।
प्रदेश के खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि पांचों खिलाड़ी अपनी मेहनत और प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाते हुए देश के लिए पदक जीतेंगे।
हिमाचल कुराश पदाधिकारियों ने दी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं
पांचों खिलाड़ियों के भारतीय टीम में चयन पर हिमाचल कुराश के पदाधिकारियों ने खुशी जताई है। हिमाचल कुराश के अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र, तकनीकी निदेशक धनी राम और कार्यवाहक अध्यक्ष अशोक चौहान ने खिलाड़ियों को बधाई दी और विश्व चैंपियनशिप के लिए शुभकामनाएं दीं।
वहीं, हिमाचल कुराश के मुख्य संरक्षक संजय शांडिल ने कहा कि कुराश हिमाचल में तेजी से उभरता हुआ खेल है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश को सबसे अधिक पदक दिलाने वाले खेलों में अपनी पहचान बना चुका है।
उन्होंने खिलाड़ियों से अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने और देश व प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि पांचों खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करेंगे और हिमाचल की खेल प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएंगे।
नवंबर में अस्ताना पर रहेंगी हिमाचल की निगाहें
अब हिमाचल के खेल प्रेमियों की नजरें नवंबर 2026 में कजाकिस्तान के अस्ताना में होने वाली XV वर्ल्ड सीनियर कुराश चैंपियनशिप पर रहेंगी। पांचों खिलाड़ी भारतीय टीम की ओर से अलग-अलग भार वर्गों में चुनौती पेश करेंगे।
एक साथ पांच हिमाचली खिलाड़ियों का विश्व चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में चयन प्रदेश के लिए गौरव की बात है। चयन ट्रायल में प्रदर्शन के बाद मिली इस उपलब्धि ने यह भी साबित किया है कि हिमाचल के खिलाड़ी अब पारंपरिक और लोकप्रिय खेलों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के उभरते खेलों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं।
अब सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि गुंजन ठाकुर, सिद्धार्थ ठाकुर, वंशिका, शौर्यवीर यादव और चेतन कपूर अस्ताना में अपनी प्रतिभा का दम दिखाएं और भारत के साथ हिमाचल के लिए भी पदक लेकर लौटें।



