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हिमाचल में बर्फबारी के बीच नहीं रुकेगी डाक, अब ड्रोन पहुंचाएगा चिट्ठियां, जानें

लाहौल की 10 दूरस्थ डाक शाखाओं में ड्रोन से डिलीवरी की तैयारी
भारी बर्फबारी में सड़क बंद होने पर भी जारी रहेगी डाक सेवा
मंडी की 5 शाखाओं में पहले से ड्रोन से पहुंचाई जा रही है डाक


मंडी/केलांग। हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण सड़क संपर्क बाधित होने की स्थिति में अब डाक सेवा प्रभावित नहीं होगी। दुर्गम और बर्फ से कटने वाले क्षेत्रों तक डाक पहुंचाने के लिए डाक विभाग ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। विभाग ने केलांग की 10 दूरस्थ डाक शाखाओं तक ड्रोन के जरिये डाक पहुंचाने का निर्णय लिया है। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए जल्द ही सर्वे टीम केलांग पहुंचेगी और चयनित शाखाओं के साथ संभावित ड्रोन रूट का जायजा लेगी। इसके बाद मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ड्रोन डिलीवरी की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जाएगा। हिमाचल के मंडी जिले में पहले से ही पांच डाक शाखाओं तक ड्रोन के जरिये डाक पहुंचाई जा रही है, ऐसे में लाहौल घाटी में इस तकनीक का विस्तार दुर्गम क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बर्फबारी में सड़क बंद होने पर भी पहुंचेगी डाक

लाहौल घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी आम जनजीवन और परिवहन व्यवस्था को प्रभावित करती है। कई क्षेत्रों में बर्फ जमने के कारण सड़कें बंद हो जाती हैं और वाहनों की आवाजाही बाधित हो जाती है। ऐसी परिस्थितियों में डाक वाहनों के जरिये दूरदराज की शाखाओं तक समय पर डाक पहुंचाना चुनौती बन जाता है। सड़क संपर्क बाधित होने का सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है, जो नियमित डाक सेवाओं पर निर्भर हैं।

ड्रोन डिलीवरी शुरू होने के बाद इस समस्या को काफी हद तक कम करने की कोशिश की जाएगी। डाकघर से चयनित दूरस्थ शाखाओं तक डाक को हवाई मार्ग से ड्रोन के जरिए पहुंचाया जा सकेगा। इससे सड़क मार्ग के पूरी तरह उपलब्ध होने का इंतजार किए बिना डाक को संबंधित शाखाओं तक भेजने का विकल्प मिलेगा। खासतौर पर ऐसे समय में जब भारी बर्फबारी के कारण सामान्य परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो, ड्रोन तकनीक डाक विभाग के लिए वैकल्पिक माध्यम के रूप में काम कर सकती है।

केलांग की 10 शाखाओं का होगा सर्वे

डाक विभाग की प्रस्तावित योजना के तहत केलांग क्षेत्र की 10 दूरस्थ डाक शाखाओं को ड्रोन डिलीवरी नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। इसके लिए जल्द ही सर्वे टीम केलांग पहुंचेगी। टीम चयनित डाक शाखाओं की स्थिति, आसपास के भौगोलिक क्षेत्र और ड्रोन के संभावित उड़ान मार्गों का जायजा लेगी।

सर्वे के दौरान यह भी देखा जाएगा कि किन स्थानों पर ड्रोन से डाक पहुंचाना व्यावहारिक रहेगा और किन परिस्थितियों में इसके संचालन में चुनौतियां आ सकती हैं। लाहौल घाटी का भौगोलिक क्षेत्र ऊंचे पहाड़ों, संकरे रास्तों और सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण सामान्य मैदानी इलाकों से अलग है। ऐसे में ड्रोन रूट तय करते समय स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।

मंडी में पहले से हो रहा ड्रोन का इस्तेमाल

डाक विभाग ने ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में पहले ही कदम बढ़ा दिया है। मंडी जिले की पांच डाक शाखाओं तक ड्रोन के जरिये डाक पहुंचाई जा रही है। इसी अनुभव के आधार पर अब इस सुविधा को लाहौल जैसे अधिक दुर्गम और सर्दियों में बर्फ से प्रभावित क्षेत्र तक ले जाने की तैयारी है।

मंडी में ड्रोन डिलीवरी के अनुभव से विभाग को इस तकनीक के संचालन और दुर्गम क्षेत्रों में डाक पहुंचाने की प्रक्रिया को समझने में मदद मिली है। अब लाहौल घाटी में इसके विस्तार के लिए संभावित मार्गों और शाखाओं का सर्वे किया जाएगा।

जनजातीय और दुर्गम इलाकों में मददगार हो सकती है तकनीक

लाहौल घाटी के कई क्षेत्र जनजातीय और दुर्गम इलाकों में आते हैं। सर्दियों में बर्फबारी के कारण यहां सड़क संपर्क बाधित होने की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में डाक विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि सामान्य परिवहन व्यवस्था बाधित होने के बावजूद सेवाओं को किस तरह जारी रखा जाए।

ड्रोन तकनीक इस चुनौती से निपटने का एक विकल्प बन सकती है। यदि सड़क मार्ग बर्फ के कारण कुछ समय के लिए बंद हो जाता है, तो चयनित डाक शाखाओं तक जरूरी डाक को हवाई मार्ग से पहुंचाने की संभावना बनी रहेगी। इससे लोगों को डाक सेवाओं के लिए लंबे समय तक सड़क खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

जरूरी डाक समय पर पहुंचाने की कोशिश

ड्रोन के जरिये डाक पहुंचाने की योजना का उद्देश्य केवल सामान्य पत्रों और डाक सामग्री को पहुंचाना नहीं, बल्कि जरूरी डाक और विभागीय सेवाओं को भी समय पर संबंधित शाखाओं तक पहुंचाने में मदद करना है। बर्फबारी के दौरान सड़क संपर्क बाधित होने से जिन सेवाओं में देरी होती है, उनमें इस तकनीक के इस्तेमाल से सुधार की उम्मीद की जा रही है।

हालांकि, लाहौल में ड्रोन सेवा शुरू करने से पहले संभावित रूट और संबंधित शाखाओं का सर्वे किया जाएगा। इसके बाद ही संचालन की व्यावहारिक व्यवस्था तय होगी। मौसम, बर्फबारी और पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियां ड्रोन संचालन के लिए महत्वपूर्ण कारक रहेंगी।

इस योजना के लागू होने के बाद लाहौल घाटी की 10 दूरस्थ डाक शाखाओं को बर्फबारी के मौसम में वैकल्पिक हवाई डाक सेवा का लाभ मिल सकेगा। मंडी में पहले से चल रहे ड्रोन डिलीवरी प्रयोग के बाद लाहौल में इसका विस्तार हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों में डाक सेवा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी।