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भाजपा के पांच गुट विकास कार्यों की प्रशंसा नहीं करते, शांता कुमार और अनिल शर्मा कर रहे तारीफ: सुक्‍खू

अनिल शर्मा के बयानों पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने गिनाईं विकास कार्यों की प्रशंसाएं
सधोड़ा पत्तन में 8 करोड़ के डबल लेन पुल का शिलान्यास, कई पंचायतों को राहत
जयराम ठाकुर के किशाऊ प्रोजेक्ट और अन्य बयानों पर भी CM ने साधा निशाना


हमीरपुर। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भाजपा के मंडी विधायक अनिल शर्मा के बयानों को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की प्रशंसा भाजपा के नेताओं की ओर से नहीं की जाती, क्योंकि पार्टी के नेता अलग-अलग गुटों में बंटे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कामों की प्रशंसा करने वालों में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार भी शामिल हैं और मंडी विधायक अनिल शर्मा ने भी उनके कार्यों की तारीफ की है। मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी नादौन विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान सामने आई, जहां उन्होंने सधोड़ा पत्तन के पास ब्यास नदी पर बनने वाले पुल का शिलान्यास किया। इस पुल के निर्माण पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही है। इस परियोजना से रैल क्षेत्र की कई पंचायतों के साथ-साथ कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी उपमंडल के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री सुक्खू अपने नादौन विधानसभा क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन सधोड़ा पत्तन पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से उनका स्वागत किया गया और उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया गया। सधोड़ा पत्तन में प्रस्तावित पुल लंबे समय से क्षेत्र की जरूरत बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्वालाजी और नादौन क्षेत्र के लोगों की काफी समय से मांग थी कि यहां पुल का निर्माण कर दोनों क्षेत्रों को बेहतर तरीके से जोड़ा जाए। इसी मांग को देखते हुए पुल की आधारशिला रखी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल का निर्माण जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

कई किलोमीटर के अतिरिक्त सफर से मिलेगी राहत

सधोड़ा पत्तन के पास बनने वाला डबल लेन पुल क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पुल बनने के बाद रैल क्षेत्र की कई पंचायतों तथा कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी उपमंडल के लोगों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। इससे लोगों को मौजूदा रास्तों से लगने वाले अतिरिक्त चक्कर से राहत मिलने की उम्मीद है। पहले इस क्षेत्र में नदी के कारण सीधा संपर्क नहीं होने से लोगों को दूसरे मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल के निर्माण के लिए करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यदि निर्माण के दौरान लागत बढ़ती है तो सरकार की ओर से अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवाने की बात भी उन्होंने कही। पुल की आधारशिला रखे जाने से क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही संपर्क सुविधा की मांग को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के दौरे का कार्यक्रम पहले से निर्धारित था और प्रशासन की ओर से भी इसके लिए तैयारियां की गई थीं।

धनेटा में एम्स आयुर्वेदिक संस्थान को लेकर भी बोले CM

मुख्यमंत्री ने धनेटा में प्रस्तावित एम्स आयुर्वेदिक संस्थान को लेकर भी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार की ओर से इस संस्थान के लिए बिडिंग की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रक्रिया को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने 74 एकड़ भूमि के साथ 300 करोड़ रुपये की मांग रखी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इन शर्तों को स्वीकार किया है और इस विषय में केंद्र सरकार के साथ आगे चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के पांच राज्यों में एम्स आयुर्वेदिक संस्थान दिए जाने की योजना है और हिमाचल प्रदेश भी इसमें शामिल है। धनेटा में संस्थान को लेकर आगामी प्रक्रिया केंद्र सरकार के साथ चर्चा के बाद आगे बढ़ाई जाएगी।

विकास कार्यों को लेकर भाजपा पर मुख्यमंत्री का हमला

मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की ओर से पूरे प्रदेश में विकास के कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन भाजपा के नेताओं को ये काम दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता पांच गुटों में बंटे हुए हैं और विकास के मुद्दे पर चर्चा करने के बजाय सरकार के खिलाफ बयानबाजी करते हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा कार्यालय में करीब 40 लोगों की टीम इस बात पर काम करती है कि उनके खिलाफ किस तरह का दुष्प्रचार किया जाए। यह मुख्यमंत्री की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है। भाजपा की ओर से इस दावे पर अलग प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी इस विवाद के दूसरे पक्ष के रूप में देखा जाएगा।

जयराम ठाकुर के बयानों पर भी सुक्खू का पलटवार

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने उनके हालिया राजनीतिक हमलों पर पलटवार किया। सुक्खू ने जयराम ठाकुर पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह इन दिनों ऐसे बयान दे रहे हैं, जिनसे लोगों को गुमराह करने की कोशिश हो रही है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर लगातार मुख्यमंत्री को निशाना बनाकर सुर्खियों में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना को लेकर भी जयराम ठाकुर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किशाऊ प्रोजेक्ट के मामले में हिमाचल के हितों की लड़ाई लड़ने में जयराम ठाकुर पूरी तरह सफल नहीं रहे और अब इस विषय पर सफाई देने की कोशिश की जा रही है। किशाऊ परियोजना को लेकर हाल के दिनों में हिमाचल सरकार और भाजपा नेताओं के बीच श्रेय को लेकर राजनीतिक बयानबाजी सामने आई है। परियोजना के संबंध में सितंबर 2026 में केंद्र और संबंधित राज्यों के बीच समझौते की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी है।

हर्ष महाजन और वीरभद्र सिंह का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा नेता हर्ष महाजन को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हर्ष महाजन पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सलाहकार रहे हैं और अब भाजपा में हैं। मुख्यमंत्री ने इस राजनीतिक संदर्भ का इस्तेमाल भाजपा की मौजूदा रणनीति पर सवाल उठाने के लिए किया।

सुक्खू ने भाजपा नेताओं पर हिमाचल की भूमि को कम कीमत पर बेचने का आरोप भी लगाया। यह आरोप उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक हमला करते हुए लगाया। इस तरह नादौन दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के संबोधन में विकास परियोजनाओं के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति और भाजपा नेताओं के बयानों को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

अनिल शर्मा के बयानों पर मुख्यमंत्री ने क्या कहा

मंडी के भाजपा विधायक अनिल शर्मा के बयानों को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा में अलग-अलग गुटों में बंटे नेता प्रदेश में हो रहे कामों की प्रशंसा नहीं करते। इसके साथ ही उन्होंने अपने पक्ष में उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने उनके कामों की प्रशंसा की है और अनिल शर्मा ने भी उनके कार्यों की तारीफ की है।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब प्रदेश में विकास परियोजनाओं, किशाऊ परियोजना और सरकार के कामकाज को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच बयानबाजी जारी है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विकास कार्यों को सरकार की प्राथमिकता बताया, जबकि विपक्ष की ओर से सरकार के कामकाज पर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं।

सधोड़ा पत्तन पुल का शिलान्यास इस दौरे का प्रमुख विकास कार्यक्रम रहा। इससे पहले मुख्यमंत्री के 17 और 18 सितंबर के नादौन दौरे के कार्यक्रम में रैल में विभिन्न भवनों के शिलान्यास और उद्घाटन तथा जन स्वास्थ्य शिविर से जुड़े कार्यक्रम भी निर्धारित किए गए थे।