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एचआरटीसी में एक हजार इलेक्ट्रिक और 200 डीजल बसें खरीदने की योजना: मुकेश अग्निहोत्री

चंबा के लिए 10 इलेक्ट्रिक और 10 डीजल बसें उपलब्ध करवाई गईं
प्रदेश में 1,000 इलेक्ट्रिक और 200 डीजल बसें खरीदने की योजना
मिनी बसों के साथ एचआरटीसी में चालक-परिचालकों की भर्ती की भी तैयारी


चंबा। हिमाचल प्रदेश के परिवहन क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में चंबा को नई बसों की सौगात मिली है। उप मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को चंबा में नई इलेक्ट्रिक बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल सफल रहा है और इसी को देखते हुए आने वाले समय में 1,000 इलेक्ट्रिक और 200 डीजल बसें खरीदने की योजना है। उनके अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और सड़कों को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक बसों को विशेष रूप से तैयार करवाया गया है। इन बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

चंबा में इलेक्ट्रिक और डीजल बसों का नया बेड़ा

चंबा जिले की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 10 इलेक्ट्रिक और 10 डीजल बसें उपलब्ध करवाई गई हैं। इन बसों के संचालन से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुविधा के विस्तार की योजना है। नई बसों के जरिए यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने के साथ ऐसे क्षेत्रों को बेहतर बस सेवा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है, जहां परिवहन सुविधा की जरूरत अधिक है।

चंबा डिपो में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी। हाल में डिपो में आठ और इलेक्ट्रिक बसें पहुंचने के बाद जिले में ऐसी बसों की संख्या 10 हो गई थी। अब इन बसों को औपचारिक रूप से सड़क पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन बसों को लोकल और जरूरत के अनुसार अन्य रूटों पर चलाने की तैयारी की गई है।

पहाड़ी सड़कों को ध्यान में रखकर तैयार की गईं ई-बसें

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों की परिस्थितियां मैदानी इलाकों से अलग हैं। यहां सड़कों की बनावट, चढ़ाई और संकरे मार्गों को देखते हुए परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाली बसों की जरूरत भी अलग होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक बसों को पहाड़ी परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करवाने की बात कही गई है।

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को आधुनिक परिवहन सुविधा मिलने के साथ प्रदूषण कम करने की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है। चंबा जैसे पहाड़ी जिले में नई बसों की उपलब्धता का उद्देश्य केवल बस बेड़े का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ाना भी है।

संकरी सड़कों वाले क्षेत्रों के लिए आएंगी मिनी बसें

चंबा जिले में आने वाले समय में मिनी बसें उपलब्ध करवाने की योजना भी बताई गई है। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों तक परिवहन सुविधा पहुंचाना है, जहां संकरी और पहाड़ी सड़कें बड़ी बसों के संचालन के लिए चुनौतीपूर्ण होती हैं। मिनी बसों के संचालन से ऐसे मार्गों पर सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिल सकती है।

यह पहल चंबा के उन ग्रामीण और दुर्गम इलाकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जहां यात्रियों को नियमित सार्वजनिक परिवहन के लिए सीमित विकल्प मिलते हैं। हालांकि, अलग-अलग मार्गों पर बसों का संचालन रूट निर्धारण और परिवहन निगम की व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा।

एचआरटीसी में चालक-परिचालकों की भी होगी भर्ती

नई बसों के बेड़े के विस्तार के साथ एचआरटीसी में चालकों और परिचालकों की भर्ती की भी योजना बताई गई है। नई बसों को सड़क पर उतारने के लिए पर्याप्त स्टाफ की जरूरत होगी। इसी को देखते हुए चालक और परिचालकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भर्ती की तैयारी की जा रही है।

इससे पहले भी परिवहन मंत्री की ओर से एचआरटीसी में चालक-परिचालकों की भर्ती की बात कही गई थी। साथ ही निगम के पुराने बस बेड़े को बदलने और लंबे रूटों की जरूरत के अनुसार डीजल बसें शामिल करने की योजना भी सामने आई है।

1,000 इलेक्ट्रिक और 200 डीजल बसों की योजना

प्रदेश स्तर पर एचआरटीसी के बस बेड़े के विस्तार के लिए 1,000 इलेक्ट्रिक और 200 डीजल बसों की खरीद की योजना बताई गई है। इलेक्ट्रिक बसों को उपयुक्त रूटों पर चलाने और डीजल बसों को लंबी दूरी के रूटों की जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

इस योजना के तहत एक ओर सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने पर जोर है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी और लंबे रूटों की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार बसों का इस्तेमाल करने की बात सामने आई है। चंबा में 10 इलेक्ट्रिक और 10 डीजल बसों की उपलब्धता इसी व्यापक परिवहन विस्तार योजना का हिस्सा है।