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कुल्लू के पालचरा में परियोजना क्षेत्र में रिसाव के बाद गांव तक पहुंचा पानी-मलबा, घरों को नुकसान

रात में अचानक पानी और मलबा गांव की ओर पहुंचा
करीब 15 परिवारों के घर और संपत्तियां प्रभावित
परियोजना क्षेत्र की सुरक्षा और नुकसान के आकलन की मांग


सैंज (कुल्लू)। कुल्लू के सैंज क्षेत्र की रैला पंचायत के पालचरा गांव में देर रात अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव रिहायशी क्षेत्र की ओर आने से ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। घटना के दौरान पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा भी नीचे की ओर पहुंचा, जिससे करीब 15 परिवारों के घर और अन्य संपत्तियां प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। स्थिति को देखते हुए कई ग्रामीणों को रात के समय अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना को पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण-दो के एडिट-5 में पानी के रिसाव से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया गया है कि परियोजना क्षेत्र में जमा मलबा भी पानी के बहाव के साथ नीचे की ओर आया और इसकी चपेट में पालचरा का रिहायशी क्षेत्र आ गया।

रात के समय जब अधिकांश ग्रामीण अपने घरों में थे, तभी अचानक पानी का बहाव गांव की तरफ बढ़ने लगा। पानी के साथ मलबा आने से हालात तेजी से बदल गए। ग्रामीणों को जब खतरे का अंदेशा हुआ तो कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया। अचानक पैदा हुई इस स्थिति से गांव में काफी देर तक चिंता और अफरातफरी का माहौल बना रहा।

परियोजना क्षेत्र में रिसाव के बाद गांव तक पहुंचा पानी

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पालचरा में यह स्थिति पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण-दो के एडिट-5 में पानी के रिसाव के बाद सामने आई। बताया गया है कि एडिट-5 की दबाव दीवार में रिसाव होने के बाद पानी बाहर आया। पानी का बहाव अपने साथ परियोजना क्षेत्र की डंपिंग साइट पर जमा मलबा भी नीचे की ओर ले आया।

पानी और मलबे का यह बहाव जब रिहायशी क्षेत्र तक पहुंचा तो कई घर इसकी चपेट में आ गए। ग्रामीणों के अनुसार, मकानों के आसपास मलबा जमा हो गया। इसके अलावा गांव के रास्तों और अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। कुछ दुकानों तथा ग्रामीणों की दूसरी संपत्तियों के प्रभावित होने की बात भी सामने आई है।

रात में घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे ग्रामीण

इस घटना का एक अहम पहलू यह रहा कि लोगों को रात के समय अचानक अपने घरों से बाहर निकलना पड़ा। पानी और मलबे का बहाव बढ़ता देखकर प्रभावित परिवारों ने किसी जोखिम के बजाय सुरक्षित स्थानों पर जाना उचित समझा। कई लोगों ने रात अपने रिश्तेदारों के घर बिताई।

अचानक आए पानी और मलबे के कारण ग्रामीणों के बीच चिंता बढ़ गई है। लोगों को आशंका है कि यदि परियोजना क्षेत्र से दोबारा इसी तरह पानी और मलबा नीचे की ओर आया तो रिहायशी क्षेत्र में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में ग्रामीण परियोजना क्षेत्र और आसपास के संवेदनशील हिस्सों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग कर रहे हैं।

डंपिंग साइट के मलबे को लेकर उठे सवाल

ग्रामीणों के अनुसार, डंपिंग साइट पर जमा मलबा पानी के बहाव के साथ नीचे आने से नुकसान का दायरा बढ़ गया। पानी के साथ मलबे के नीचे आने के कारण घरों के आसपास गाद और मलबा जमा हो गया तथा रास्तों समेत दूसरी संपत्तियां भी प्रभावित हुईं।

ग्रामीणों की मांग है कि परियोजना क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण किया जाए और यह देखा जाए कि पानी के रिसाव तथा मलबे के बहाव की स्थिति कैसे बनी। इसके साथ ही संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा किए जाने की मांग भी उठी है।

करीब 15 परिवार प्रभावित होने की जानकारी

पालचरा गांव में सामने आई इस घटना से करीब 15 परिवार प्रभावित होने की जानकारी है। कई घरों के आसपास मलबा जमा होने के साथ रास्तों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति और नुकसान का विस्तृत आकलन मौके के निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों के घरों में पानी और मलबा पहुंचा है, उनके नुकसान का मौके पर जाकर आकलन किया जाना चाहिए। जिन मकानों के आसपास बड़ी मात्रा में मलबा जमा है या जो तत्काल रहने के लिहाज से सुरक्षित नहीं हैं, उनके लिए जरूरत के अनुसार सुरक्षित स्थान की व्यवस्था किए जाने की मांग भी की गई है।

राहत के साथ भविष्य की सुरक्षा पर जोर

ग्रामीणों का कहना है कि तत्काल राहत और नुकसान का आकलन जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही घटना के कारणों की जांच भी होनी चाहिए। लोगों की मांग है कि परियोजना क्षेत्र में पानी के रिसाव, मलबे के बहाव और डंपिंग साइट की स्थिति की गंभीरता से समीक्षा की जाए।

ग्रामीणों के मुताबिक, प्रभावित परिवारों को राहत देने के साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो। इसके लिए परियोजना क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने, संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करने और रिहायशी क्षेत्र की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग उठाई गई है।

पालचरा में रात के समय सामने आई इस घटना ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। अब प्रभावित परिवारों को नुकसान के सही आकलन और राहत की उम्मीद है, जबकि ग्रामीण परियोजना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाए जाने की मांग कर रहे हैं।