➤ ओबीसी संघर्ष समिति की बाइक रैली रविवार को मटौर पहुंची
➤ बड़ी संख्या में बाइक सवारों ने रैली में लिया हिस्सा
➤ समिति ने मांगों और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दे उठाए
मटौर (कांगड़ा)। ओबीसी समुदाय से जुड़े मुद्दों और मांगों को लेकर ओबीसी संघर्ष समिति की ओर से निकाली गई बाइक रैली रविवार को मटौर पहुंची। रैली में बड़ी संख्या में बाइक सवार, समिति के पदाधिकारी और अन्य प्रतिभागी शामिल हुए। समिति ने रैली के माध्यम से ओबीसी समुदाय से जुड़े विषयों और सामाजिक न्याय से संबंधित मांगों को सार्वजनिक तौर पर उठाया तथा सरकार और प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया। मटौर पहुंचने पर कांगड़ा के विधायक पवन काजल ने रैली में शामिल प्रतिभागियों का स्वागत किया और उनके लिए जलपान की व्यवस्था कराई। रैली के दौरान समिति के पदाधिकारी सौरव कौंडल सहित अन्य लोगों को शॉल और हिमाचली टोपी पहनाकर सम्मानित भी किया गया।
रैली में शामिल प्रतिभागियों ने ओबीसी समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाई। बड़ी संख्या में बाइक सवारों की मौजूदगी के कारण मटौर में इस आयोजन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। समिति का उद्देश्य अपनी मांगों को व्यापक स्तर पर सामने रखना और समुदाय के लोगों के बीच इन मुद्दों को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा।
ओबीसी मुद्दों को लेकर आयोजित हुई रैली
ओबीसी संघर्ष समिति ने समुदाय से जुड़े मुद्दों और मांगों को लेकर इस बाइक रैली का आयोजन किया। इससे पहले समिति की ओर से ओबीसी सामाजिक न्याय यात्रा-2 के तहत 20 सितंबर को पालमपुर से शाहपुर तक कार-बाइक रैली निकालने की जानकारी दी गई थी। समिति ने पंचायत स्तर पर बैठकें और संपर्क अभियान चलाकर लोगों से रैली में शामिल होने की अपील भी की थी।
समिति के अनुसार, रैली के जरिए ओबीसी समुदाय से जुड़े विषयों को व्यापक स्तर पर सामने रखने और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया। रैली में शामिल लोगों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और आगे भी इन विषयों को उठाने की बात कही।
मटौर पहुंचने पर विधायक ने किया स्वागत
रैली के मटौर पहुंचने पर कांगड़ा विधायक पवन काजल ने प्रतिभागियों से मुलाकात की और उनका स्वागत किया। विधायक की ओर से रैली में शामिल लोगों के लिए जलपान की व्यवस्था भी कराई गई। इस दौरान समिति के पदाधिकारी सौरव कौंडल सहित अन्य लोगों को शॉल और हिमाचली टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया।
स्वागत कार्यक्रम के दौरान रैली में शामिल लोगों में उत्साह नजर आया। स्थानीय स्तर पर भी लोग मौके पर मौजूद रहे और रैली को देखा। बाइक सवारों की बड़ी संख्या के कारण आयोजन की उपस्थिति विशेष रूप से दिखाई दी।
पहले भी उठती रही हैं ओबीसी से जुड़ी मांगें
ओबीसी संघर्ष समिति की ओर से इससे पहले भी आरक्षण, रोस्टर, बैकलॉग पदों, ओबीसी कल्याण बजट और ओबीसी जनगणना जैसे विषयों को लेकर मांगें उठाई गई हैं। 15 सितंबर को प्रकाशित रैली की तैयारियों संबंधी रिपोर्ट में समिति के अध्यक्ष सौरभ कौंडल ने मंडल आयोग की सिफारिशों के आधार पर 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने, रोस्टर को दुरुस्त करने और लंबित बैकलॉग पदों को भरने की मांग दोहराई थी। समिति ने ओबीसी समाज के लिए अलग कल्याण बजट और ओबीसी जनगणना की मांग भी रखी थी।
समिति का कहना रहा है कि उसने पहले सरकार को मांग-पत्र सौंपा था और अब रैलियों तथा संपर्क अभियानों के माध्यम से इन मुद्दों को दोबारा प्रमुखता से उठाया जा रहा है। इन मांगों पर सरकार या संबंधित विभागों की ओर से क्या कार्रवाई की जाएगी, यह आगे की प्रक्रिया में स्पष्ट होगा।
रैली के जरिए एकजुटता का संदेश
रैली में शामिल प्रतिभागियों ने समुदाय से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सामाजिक न्याय से जुड़े विषयों पर समुदाय के लोगों को जागरूक करने और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखने के लिए ऐसे कार्यक्रम आगे भी किए जाएंगे।
मटौर में आयोजित स्वागत कार्यक्रम के बाद रैली में शामिल लोगों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने का संदेश दिया। आयोजन के दौरान किसी टकराव की जानकारी सामने नहीं आई। रैली का मुख्य फोकस ओबीसी समुदाय से जुड़े मुद्दों और मांगों को सार्वजनिक रूप से उठाने पर रहा।



