➤ कुकुमसैरी में पारा माइनस 0.4 डिग्री पहुंचा, ऊंचे इलाकों में बढ़ी ठिठुरन
➤ चंबा का अधिकतम तापमान सामान्य से 15.1 डिग्री गिरकर 16.8 डिग्री पर पहुंचा
➤ कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में बारिश का येलो अलर्ट, 17 अक्टूबर तक मौसम खराब रहने के आसार
हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर के महीने में ही सर्दी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसैरी में इस विंटर सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे पहुंचकर माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं, चंबा में अधिकतम तापमान सामान्य से 15.1 डिग्री नीचे गिरकर 16.8 डिग्री सेल्सियस रह गया है। मौसम में आए इस बदलाव से पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है और आने वाले दिनों में प्रदेशवासियों को बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के सात शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच चुका है। शिंकुला दर्रा, रोहतांग और बारालाचा जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। ऊंचे पहाड़ों पर ठंड बढ़ने के साथ ही निचले और मैदानी इलाकों में भी तापमान गिरने के संकेत मिल रहे हैं।
चंबा में सामान्य से 15.1 डिग्री नीचे पहुंचा अधिकतम तापमान
प्रदेश में केवल रात के तापमान में ही गिरावट नहीं आई है, बल्कि दिन के समय भी लोगों को ठंड महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 7.3 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। चंबा में अधिकतम तापमान सामान्य से 15.1 डिग्री कम होकर 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इसी तरह सुंदरनगर का अधिकतम तापमान सामान्य से 10 डिग्री गिरकर 20 डिग्री सेल्सियस रह गया। भुंतर में यह 9.6 डिग्री की गिरावट के बाद 19.5 डिग्री, कांगड़ा में 9.8 डिग्री गिरकर 19.6 डिग्री और मनाली में 8.2 डिग्री की गिरावट के बाद 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मंडी में अधिकतम तापमान 8.8 डिग्री की गिरावट के साथ 21 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि बिलासपुर में यह आठ डिग्री कम होकर 23 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। राजधानी शिमला में भी अधिकतम तापमान 5.8 डिग्री गिरकर 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के तापमान में आई इस गिरावट के चलते कई क्षेत्रों में लोगों को सामान्य से अधिक ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
17 अक्टूबर तक मौसम खराब रहने के आसार
प्रदेश में फिलहाल मौसम से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 17 अक्टूबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। अगले कुछ दिनों के दौरान कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है।
पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 अक्टूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अधिक रह सकती हैं। वहीं, अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना भी बनी हुई है। बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने पर तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों के साथ मैदानी इलाकों में भी ठंड बढ़ने के आसार हैं।
चार जिलों में बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने आज कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। अगले चार दिनों के दौरान भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और बारिश या तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
बीते रविवार को भी लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले पहाड़ों और सिरमौर जिले के चूड़धार में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई थी। इसके अलावा शिंकुला दर्रे में बर्फबारी के बाद कुछ पर्यटकों के फंसने की सूचना सामने आई थी, जिन्हें स्थानीय पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला।
पर्यटकों और पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वालों को सावधानी की जरूरत
तापमान में गिरावट और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बीच पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। मौसम खराब होने पर रास्तों की स्थिति तेजी से बदल सकती है। पर्यटकों को ऊंचे दर्रों और बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जाने से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेनी चाहिए और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए।
कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर के दौरान ही सर्दी का असर बढ़ने लगा है। कुकुमसैरी में तापमान के शून्य से नीचे पहुंचने, चंबा समेत कई जिलों में अधिकतम तापमान में भारी गिरावट और आगामी दिनों में बारिश-बर्फबारी के पूर्वानुमान ने ठंड बढ़ने के संकेत दिए हैं। अब सबकी नजर मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमानों और प्रदेश में होने वाली बारिश व बर्फबारी पर रहेगी।



