➤ कैश वैन और मोबाइल कैंटीन पर सालाना वाहन कर लगाने की तैयारी
➤ वाहन की श्रेणी के अनुसार 12 हजार से 30 हजार रुपये तक शुल्क प्रस्तावित
➤ सरकार ने मसौदे पर 30 दिनों के भीतर जनता से मांगे सुझाव और आपत्तियां
शिमला। हिमाचल प्रदेश में कैश वैन और मोबाइल कैंटीन संचालित करने वालों पर आने वाले समय में सालाना वाहन कर का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। प्रदेश के परिवहन विभाग ने इन वाहनों को कर व्यवस्था के दायरे में लाने के लिए मोटरयान कराधान अधिनियम, 1972 में संशोधन का मसौदा जारी किया है। प्रस्ताव में वाहनों की श्रेणी के आधार पर सालाना 12 हजार से 30 हजार रुपये तक कर निर्धारित करने की बात कही गई है। हालांकि, अभी यह व्यवस्था प्रस्तावित है और इसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। सरकार ने मसौदे पर आम जनता और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
वाहन की श्रेणी के अनुसार तय होगा सालाना कर
परिवहन विभाग की ओर से जारी मसौदे में कैश वैन और मोबाइल कैंटीन जैसे वाहनों के लिए अलग-अलग कर दरें प्रस्तावित की गई हैं। इसके तहत हल्के, मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों की श्रेणी के अनुसार सालाना शुल्क निर्धारित करने की योजना है।
प्रस्तावित दरों के अनुसार, हल्के वाणिज्यिक वाहनों पर 12 हजार से 15 हजार रुपये, मध्यम वाणिज्यिक वाहनों पर 20 हजार रुपये और भारी वाणिज्यिक वाहनों पर 30 हजार रुपये सालाना कर लगाया जा सकता है। अंतिम दरें और नियम संशोधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
दूसरे राज्यों में पंजीकृत वाहनों पर भी पड़ सकता है असर
प्रस्तावित संशोधन में केवल हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत वाहनों को ही शामिल करने की बात नहीं है। दूसरे राज्यों में पंजीकृत संबंधित वाहनों को भी इस व्यवस्था के दायरे में लाने का प्रस्ताव रखा गया है।
यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो हिमाचल प्रदेश में संचालित होने वाली कैश वैन और मोबाइल कैंटीन के संचालकों पर इसका असर पड़ सकता है। ऐसे वाहन संचालकों को अंतिम नियमों और निर्धारित कर दरों के बारे में जानकारी रखनी होगी।
सरकार ने 30 दिनों में मांगे सुझाव और आपत्तियां
अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) ओंकार चंद शर्मा के आदेशानुसार संशोधन का मसौदा ई-राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। सरकार ने आम जनता, वाहन संचालकों और संबंधित पक्षों से इस मसौदे पर 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत करने को कहा है।
निर्धारित अवधि में प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद सरकार आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकती है। इस प्रक्रिया के बाद ही प्रस्तावित नियमों को लेकर अंतिम निर्णय सामने आएगा।
फिलहाल प्रस्तावित हैं कर की दरें
कैश वैन और मोबाइल कैंटीन पर वाहन कर लगाने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुआ है। इसलिए फिलहाल प्रस्तावित दरों को अंतिम शुल्क नहीं माना जा सकता। कर कब से लागू होगा, किन वाहनों पर कौन-सी दर प्रभावी होगी और अंतिम अधिसूचना में क्या प्रावधान शामिल किए जाएंगे, यह सरकार के आगामी निर्णय के बाद स्पष्ट होगा।
वाहन संचालकों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे प्रस्तावित नियमों पर नजर रखें। सरकार की ओर से अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही नई कर व्यवस्था की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



