➤ लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज
➤ 13 अक्तूबर से बारिश और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के आसार
➤ चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और मंडी में अंधड़ का येलो अलर्ट
शिमला। हिमाचल प्रदेश में अक्तूबर के महीने में ही सर्दियों जैसी ठंड महसूस होने लगी है। हालिया बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट से पहाड़ी इलाकों में ठिठुरन बढ़ गई है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं, केलांग में न्यूनतम तापमान 0.7 डिग्री और ताबो में 1.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने प्रदेश में एक बार फिर बारिश और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की संभावना जताई है। इसके साथ ही पांच जिलों में अंधड़ को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में रात के समय ठंड लगातार बढ़ रही है। किन्नौर सहित कई पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान गिरने से लोगों को सुबह और शाम के समय ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है। चंबा, कुल्लू और शिमला जिलों के कई क्षेत्रों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। अक्तूबर के शुरुआती दिनों में मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेश में सर्दियों की आहट महसूस होने लगी है।
सोमवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में धूप खिली रही, लेकिन सुबह और शाम के समय ठंड का असर बना रहा। तापमान में गिरावट के चलते लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। मौसम में हो रहे बदलाव का असर पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है।
कुकुमसेरी में शून्य से नीचे पहुंचा तापमान
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में पारा शून्य से नीचे चला गया है। केलांग और ताबो में भी न्यूनतम तापमान काफी कम दर्ज किया गया है। इससे ऊंचे पर्वतीय इलाकों में ठंड का असर और बढ़ गया है।
प्रमुख क्षेत्रों का न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा।
| क्षेत्र | न्यूनतम तापमान |
|---|---|
| कुकुमसेरी | -0.4 डिग्री |
| केलांग | 0.7 डिग्री |
| ताबो | 1.4 डिग्री |
| कल्पा | 6.0 डिग्री |
| कुफरी | 7.1 डिग्री |
| मनाली | 7.4 डिग्री |
| सेऊबाग | 9.2 डिग्री |
| शिमला | 10.0 डिग्री |
सभी तापमान डिग्री सेल्सियस में हैं।
13 अक्तूबर से फिर बदल सकता है मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 अक्तूबर की देर शाम से प्रदेश में मौसम संबंधी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। मध्य पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के आसार हैं।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पर्वतीय क्षेत्रों और ऊंचे दर्रों में मौसम बदल सकता है। ऐसे में ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रा की योजना बना रहे पर्यटकों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने की जरूरत होगी।
पांच जिलों में अंधड़ का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और मंडी जिलों में अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मौसम की गतिविधियों को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बारिश और तेज हवाओं की संभावना के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऊंचाई वाले इलाकों में जाने वाले लोगों को स्थानीय मौसम संबंधी जानकारी लेकर ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
15 अक्तूबर को मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 15 अक्तूबर को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सिरमौर और सोलन के मैदानी तथा आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश हो सकती है। इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है।
पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम खराब बना रह सकता है। इसके बाद 17 और 18 अक्तूबर से मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है।
ठंड और बारिश के बीच सतर्क रहने की जरूरत
अक्तूबर में तापमान में आई गिरावट और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना से हिमाचल में मौसम का मिजाज बदल रहा है। कुकुमसेरी में तापमान शून्य से नीचे पहुंचने के बाद पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड का असर बढ़ गया है। आने वाले दिनों में बारिश, अंधड़ और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।



