➤ हिमाचल प्रदेश के चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के ऊंचे पहाड़ों पर ताजा बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है
➤ मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है
➤ 18 अक्टूबर से प्रदेश में मौसम साफ होने और धूप खिलने की संभावना जताई गई है, जिससे राहत मिल सकती है
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, जिससे राज्य के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड ने दस्तक दे दी है। चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के ऊंचे पहाड़ों पर सुबह से ही बर्फबारी का दौर जारी है। इस ताजा हिमपात के कारण कई इलाकों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पर्यटकों को संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार, चंबा के साच पास में चार इंच, जबकि लाहौल-स्पीति के प्रसिद्ध रोहतांग दर्रा और शिंकुला टॉप पर तीन-तीन इंच तक बर्फ की परत जम चुकी है। इसके अलावा कांगड़ा, कुल्लू और मंडी के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हो रही है, जबकि राजधानी शिमला समेत अधिकांश जिलों में आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। इस बदलाव से राज्य के आठ शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे पहुंच गया है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसैरी में तापमान माइनस 0.4 डिग्री और ताबो में 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

मौसम के इस मिजाज को देखते हुए विभाग ने लाहौल-स्पीति और चंबा के ऊंचे इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि शिमला, सिरमौर, हमीरपुर और किन्नौर में हल्की बारिश का अनुमान है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 18 अक्टूबर से मौसम साफ होने के आसार हैं और 20 अक्टूबर तक धूप खिलने से तापमान में सुधार हो सकता है।



