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छठे, सातवें और आठवें नवरात्र पर 24 घंटे खुले रहेंगे शक्तिपीठ ज्वालमुखी मंदिर के कपाट

➤ छठे, सातवें और आठवें नवरात्र पर चौबीस घंटे खुले रहेंगे शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर के कपाट

➤ भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने बनाई विशेष कार्ययोजना

➤ दस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने टेका माथा, पांचवें नवरात्र पर स्कंदमाता की हुई पूजा


शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। नवरात्र के छठे, सातवें और आठवें दिन मंदिर श्रद्धालुओं के लिए लगातार चौबीस घंटे खुला रहेगा, ताकि दूर-दूर से आने वाले भक्त बिना किसी परेशानी के मां के दर्शन कर सकें।

इस दौरान मंदिर के कपाट केवल भोग प्रसाद और पूर्व निर्धारित आरतियों के समय ही कुछ देर के लिए बंद किए जाएंगे। पुजारी एवं मंदिर न्यास सदस्य अविनेंद्र शर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेवादारों की विशेष ड्यूटियां लगा दी गई हैं। इसके अलावा पूरे मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों के जरिए चौबीस घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

इस बीच, शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन मंदिर में मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही कतारों में लगकर श्रद्धालुओं ने मां ज्वाला की पावन ज्योतियों के दर्शन किए।

मौसम खराब होने और बारिश के बावजूद केवल ज्वालामुखी मंदिर में ही करीब पच्चीस हजार श्रद्धालुओं ने नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं, हिमाचल के अन्य शक्तिपीठों की बात करें तो पांचवें नवरात्र पर प्रदेशभर के पांच प्रमुख शक्तिपीठों में लगभग सड़सठ हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। इनमें मां नयनादेवी में अठारह हजार, चिंतपूर्णी में चौदह हजार, चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में चार हजार और बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा में छह हजार दो सौ से अधिक श्रद्धालुओं ने पहुंचकर दर्शन किए, जिससे कुल चार लाख तिहत्तर हजार रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ।