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नौणी विश्वविद्यालय में ‘आज नवाचार करें, कल का पोषण करें’ थीम पर धूमधाम से मनाया गया विश्व खाद्य दिवस-2026
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खाद्य प्रसंस्करण और नवीन पैकेजिंग में युवाओं के लिए उद्यमिता व रोजगार की अपार संभावनाएं: कुलपति प्रो. एच.एस. बवेजा
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जागरूकता रैली, पोस्टर-नारा लेखन प्रतियोगिताएं और महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी बनी मुख्य आकर्षण
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा फूड टेक क्लब के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में विश्व खाद्य दिवस-2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष यह कार्यक्रम ‘आज नवाचार करें, कल का पोषण करें’ की विशेष थीम पर आधारित रहा, जिसके तहत स्वस्थ आहार, सतत खाद्य प्रणालियों, खाद्य सुरक्षा और युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने में आधुनिक नवाचारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर गहन चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एच.एस. बवेजा ने अच्छे स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के लिए संतुलित पोषण को अनिवार्य बताया। उन्होंने छात्र-छात्राओं एवं युवा पेशेवरों को खाद्य क्षेत्र में उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण और संबंधित उद्योगों में नवाचार आधारित स्टार्टअप शुरू करने तथा रोजगार सृजन के व्यापक अवसर मौजूद हैं। इसके साथ ही उन्होंने खाद्य उत्पादों के पोषण को सुरक्षित रखने वाले पर्यावरण अनुकूल और अभिनव पैकेजिंग समाधान विकसित करने पर बल दिया।
समारोह में खाद्य उद्योग के वैज्ञानिक सलाहकार एवं परामर्शदाता अजय शर्मा ने मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए मूल्य संवर्धित उत्पादों के विकास और आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाने के गुर साझा किए। वहीं विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश शर्मा ने फसल कटाई उपरांत प्रबंधन और कृषि अपशिष्ट के सदुपयोग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों से खाद्य बर्बादी को न्यूनतम कर किसानों की आमदनी को बढ़ाया जा सकता है।
इस अवसर पर कुलपति ने बेकरी ब्लॉक से प्रशासनिक ब्लॉक तक एक विशाल जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें विद्यार्थियों ने स्वस्थ खानपान का संदेश दिया। उत्सव के दौरान पोस्टर एवं नारा लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें 28 पोस्टर और 16 नारे प्रदर्शित किए गए। इसके अलावा 14 खाद्य स्टॉल और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।



