➤ नूरपुर पुलिस ने डमटाल के शमशेर सिंह की 48 लाख 30 हजार 997 रुपये की संपत्ति की जब्त
➤ जब्त संपत्ति में चन्नी गांव का दो मंजिला मकान और 2 लाख 40 हजार 440 रुपये नकद शामिल
➤ कांगड़ा में इस वर्ष नशा तस्करी के 313 मामले दर्ज, 37.84 करोड़ की संपत्तियां जब्त
डमटाल (कांगड़ा)। नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर चोट करते हुए पुलिस जिला नूरपुर ने डमटाल निवासी शमशेर सिंह की 48 लाख 30 हजार 997 रुपये की संपत्ति जब्त की है। जब्त संपत्ति में गांव चन्नी, तहसील इंदौरा स्थित दो मंजिला आवासीय मकान और 2 लाख 40 हजार 440 रुपये की नकदी शामिल है।
पुलिस के अनुसार सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली ने 22 अक्तूबर, 2026 को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 68-I(1) और 68-I(3) के तहत संपत्ति जब्त करने के आदेश जारी किए थे। इसमें मकान की कीमत 45 लाख 90 हजार 557 रुपये आंकी गई है, जबकि नकदी को नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति माना गया है।
आदेशों की अनुपालना में पुलिस थाना डमटाल की टीम ने 29 अक्तूबर को आरोपी शमशेर सिंह को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68-यू के तहत आदेश तामील करवाए। उसे जब्त संपत्ति का कब्जा संबंधित विभाग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं करने पर सक्षम प्राधिकारी कानून के तहत संपत्ति का कब्जा प्राप्त करने की कार्रवाई कर सकता है।
नूरपुर पुलिस का कहना है कि एंटी चिट्टा अभियान के तहत अब नशा तस्करों की गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की बरामदगी के साथ उनकी अवैध संपत्तियों को भी निशाने पर लिया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति की पहचान कर उसे कानून के तहत जब्त करने की कार्रवाई जारी रहेगी।
कांगड़ा में नशा तस्करी के 313 मामले दर्ज, 37.84 करोड़ की संपत्तियां जब्त
कांगड़ा जिले में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के तहत इस वर्ष अब तक 313 मामले दर्ज किए गए हैं और 517 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इनमें 483 पुरुष और 34 महिलाएं शामिल हैं। नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई 37.84 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी जब्त की गई हैं। जब्त संपत्तियों में नूरपुर उपमंडल की 31.72 करोड़ रुपये, कांगड़ा की 5.46 करोड़ रुपये और देहरा उपमंडल की 65.52 लाख रुपये की संपत्तियां शामिल हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने अधिकारियों को नशा तस्करों के खिलाफ छापामारी अभियान तेज करने और उनसे सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। वह धर्मशाला स्थित एनआईसी सभागार में जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) समिति की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
विनय कुमार ने नशे की मांग कम करने के लिए जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने जिले के सभी सरकारी और निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में गठित नशा निवारण क्लबों को सक्रिय करने तथा विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में नशे से संबंधित गतिविधियों की सूचना देने के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 की जानकारी वाली पट्टिकाएं लगाने को कहा। साथ ही, संबंधित विभागों को विभिन्न प्रचार माध्यमों से एंटी चिट्टा अभियान के संदेश नियमित रूप से प्रसारित करने और इसमें आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एसीपी आरपी जसवाल, जिला पंचायत अधिकारी सचिन, एसडीएम धर्मशाला मोहित, डीएसपी जेल संजीव कुमार, उपनिदेशक अजय समयाल एवं बलविन्दर गुलेरिया, एचआरटीसी से सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी (चिकित्सा) डॉ. अनुराधा और टांडा मेडिकल कॉलेज से डॉ. सुखजीत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आम लोगों के लिए जरूरी बातें
एनडीपीएस अधिनियम के तहत नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति को जब्त किया जा सकता है, चाहे वह मकान हो, जमीन हो या नकदी। ऐसे में नशा तस्करों को किसी भी तरह की मदद देना, उनके नाम पर संपत्ति रखना या उनके पैसे का लेन-देन करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। अपने आसपास नशे की बिक्री या तस्करी की जानकारी हो तो आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना दी जा सकती है। नशे की लत से जूझ रहे किसी व्यक्ति या उसके परिवार को राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446 से मदद मिल सकती है। अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार, दोस्तों और खर्च पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि चिट्टा जैसे नशे की लत बहुत तेजी से लगती है और जानलेवा साबित हो सकती है।



