➤ 31 मार्च 2027 तक स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की उपलब्धता 70 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य
➤ सीएम सुक्खू ने नौहराधार में 6.92 करोड़ की लागत से बने सीएचसी भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया
➤ संगड़ाह स्कूल बनेगा सीबीएसई, पांच हजार लीटर क्षमता के मिल्क चिलिंग प्लांट पर विचार का आश्वासन
शिमला/नौहराधार (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में 31 मार्च 2027 तक स्टाफ की उपलब्धता 70 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में अस्पतालों में केवल 35 प्रतिशत स्टाफ उपलब्ध था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए चिकित्सा महाविद्यालयों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक सुविधाओं का विस्तार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को शिमला से वर्चुअल माध्यम से सिरमौर जिले के रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के नौहराधार में 6.92 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने के साथ चिकित्सा सुविधाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संगड़ाह के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल को सीबीएसई स्कूल बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी ध्यान दे रही है। गांवों में विद्यार्थियों को घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए सीबीएसई स्कूल खोले जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्रतिदिन पांच हजार लीटर क्षमता का मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन भी दिया। इससे क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार ने सीएचसी भवन के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
आम लोगों के लिए जरूरी बातें
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के बीच की अहम कड़ी होते हैं, जहां सामान्य बीमारियों के इलाज के साथ प्रसव, टीकाकरण और जांच जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। इलाज के लिए जाते समय अपना आधार या पहचान पत्र और पुरानी रिपोर्ट व पर्चियां साथ रखें, इससे डॉक्टर को सही इलाज में मदद मिलती है। गंभीर मरीज या आपात स्थिति में देरी न करें और तुरंत एंबुलेंस सेवा 108 पर संपर्क करें। पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में सर्दियों के दौरान बर्फबारी से रास्ते बंद हो सकते हैं, इसलिए बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पुरानी बीमारी वाले मरीजों की जरूरी दवाएं पहले से घर में रखना समझदारी है। किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में डॉक्टर या स्टाफ की उपलब्धता को लेकर शिकायत हो तो स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन या संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।



