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हिमाचल में बढ़ेगी ठंड, ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी को रहें तैयार

➤ हिमाचल में अगले 3 दिन ऊंचे पहाड़ों पर हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार, 2 नवंबर तक बदला रहेगा मौसम
➤ ऊंचे क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 3 से 6 डिग्री तक गिरेगा, कुकुमसेरी में पारा माइनस 1.7 डिग्री
➤ अक्टूबर में सामान्य से 20 फीसदी ज्यादा बारिश, कांगड़ा में 115 फीसदी अधिक, 3 नवंबर से खिलेगी धूप


हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला समेत राज्य के अधिकांश भागों में सुबह से ही धूप खिली हुई है। मौसम विभाग के अनुसार वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ गया है। इससे अगले 72 घंटे के दौरान राज्य के मैदानी व मध्यम ऊंचाई वाले भागों में मौसम साफ रहेगा। हालांकि अधिक ऊंचे पहाड़ों पर दो नवंबर तक हल्की बारिश व बर्फबारी का पूर्वानुमान है।

इस दौरान ऊंचे क्षेत्रों के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान पहले ही सामान्य से नीचे चल रहा है।

सोलन में सामान्य के मुकाबले सबसे ज्यादा 3.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। यहां अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। कल्पा का पारा भी सामान्य से 3.2 डिग्री गिरकर 14 डिग्री रह गया है। शिमला में अधिकतम तापमान एक डिग्री की गिरावट के बाद 18.5 डिग्री दर्ज किया गया।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात का तापमान जमाव बिंदु के आसपास पहुंच गया है। कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 1.7 डिग्री और ताबो में 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे ऊंचे क्षेत्रों में सुबह और रात के समय ठंड बढ़ गई है।

प्रदेश में अक्टूबर महीने के दौरान अब तक सामान्य से 20 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। किन्नौर और सिरमौर को छोड़कर बाकी सभी जिलों में सामान्य से अधिक बादल बरसे हैं। कांगड़ा में सामान्य से सबसे ज्यादा 115 फीसदी अधिक बारिश हुई है। बिलासपुर में 62 फीसदी, सोलन में 43 फीसदी, हमीरपुर में 41 फीसदी और ऊना में 29 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

चंबा में सामान्य से 7 फीसदी, कुल्लू में 2 फीसदी, लाहौल-स्पीति में 13 फीसदी और शिमला में 6 फीसदी अधिक बारिश हुई है। मंडी में बारिश सामान्य रही। वहीं, किन्नौर में सामान्य से 46 फीसदी और सिरमौर में 38 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 3 नवंबर से प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है। इसके बाद अगले कुछ दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और सर्दी से राहत मिलेगी।

सर्दी के मौसम में जरूरी सावधानियां: तापमान गिरने के साथ सर्दी, खांसी, जुकाम और जोड़ों के दर्द की समस्या बढ़ सकती है। बुजुर्गों, बच्चों और सांस या हृदय रोगियों को सुबह और रात की ठंड से बचना चाहिए और गर्म कपड़े पहनकर रखें। ऊंचे इलाकों, जैसे लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू के ऊपरी क्षेत्रों की यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें, क्योंकि बर्फबारी से सड़कों पर फिसलन हो सकती है। वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और जरूरी होने पर ही पहाड़ों की यात्रा करें। गर्म पानी का सेवन और संतुलित भोजन ठंड से बचाव में मदद करता है। कमरे को गर्म करने के लिए बंद कमरे में अंगीठी या हीटर जलाकर न सोएं, इससे दम घुटने का खतरा रहता है।