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शिमल में अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिरी कार, मां-बेटे सहित पांच लोगों की माैत, एक घायल

➤ शिमला के नावर क्षेत्र में दरोटी संपर्क सड़क पर दर्दनाक हादसा, मां-बेटे सहित पांच लोगों की मौत
➤ मृतकों में दरोटी के कुशल और मां कल्पना देवी, तीन नेपाली नागरिक भी शामिल, एक गंभीर घायल शिमला रेफर
➤ प्रशासन ने हर मृतक के परिजनों को दी 15-15 हजार रुपये की फौरी राहत, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर


हिमाचल प्रदेश में शनिवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। शिमला जिले के नावर क्षेत्र में दरोटी संपर्क सड़क पर हुए इस दर्दनाक हादसे में मां-बेटे सहित पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। हादसा सुबह करीब 8:30 बजे हुआ।

मृतकों में दरोटी गांव के निवासी मां-बेटे के अलावा तीन नेपाली नागरिक शामिल हैं। मृतकों की पहचान कुशल पुत्र प्रमोद और उसकी मां कल्पना देवी पत्नी प्रमोद निवासी दरोटी गांव के रूप में हुई है। इनके अलावा निर्मला पत्नी पवन, मीना पत्नी प्रेम और रोशनी पुत्री प्रेम, तीनों नेपाली नागरिकों की भी हादसे में मौत हो गई। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद शिमला रेफर किया गया है।

हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मां-बेटे सहित पांच लोगों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के कारणों की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

प्रशासन की ओर से प्रभावितों को फौरी राहत राशि प्रदान की गई है। तहसीलदार टिक्कर प्रियंजली और नायब तहसीलदार टिक्कर मेहर सिंह फिष्टा ने हादसे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों को फौरी राहत के रूप में 15-15 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है।

पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा के लिए जरूरी जानकारी: पहाड़ी और संपर्क सड़कें संकरी, तीखे मोड़ वाली और कई जगह बिना क्रैश बैरियर की होती हैं, इसलिए यहां सावधानी सबसे जरूरी है। सुबह और शाम के समय, कोहरे, बारिश या बर्फबारी में वाहन की गति बेहद धीमी रखें। मोड़ पर हॉर्न जरूर बजाएं और ऊपर से आ रहे वाहन को पहले रास्ता दें। वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां या सामान न भरें और यात्रा से पहले ब्रेक, टायर और स्टीयरिंग की जांच जरूर करें। ढलान पर गाड़ी को निचले गियर में चलाएं। सड़क हादसे की स्थिति में तुरंत आपातकालीन नंबर 112 या एंबुलेंस सेवा 108 पर सूचना दें। घायल को बेवजह न हिलाएं, खासकर सिर और गर्दन की चोट में, और खून बह रहा हो तो साफ कपड़े से दबाव बनाकर रखें। मदद करने वाले आम लोगों को कानूनी परेशानी का डर न रखें, क्योंकि घायल की मदद करने वाले नेक लोगों को कानून संरक्षण देता है।