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शिमला में BJP की लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ पदयात्रा, असम के CM सरमा शामिल

➤ शिमला में BJP ने निकाली “लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ” पदयात्रा
➤ पुराने बस स्टैंड से चौड़ा मैदान तक मार्च, असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा मुख्य अतिथि
➤ एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की तैयारी, प्रदेशभर से 8 से 10 हजार कार्यकर्ता


शिमला। हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को राजधानी शिमला में “लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ” पदयात्रा निकाली। कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पार्टी एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर इस पदयात्रा के जरिए कांग्रेस को घेरने की तैयारी में है। शिमला में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरमा का स्वागत किया।

पदयात्रा सुबह 10 बजे पुराने बस स्टैंड स्थित गुरुद्वारा साहिब की पार्किंग से शुरू हुई। कार्यकर्ता विक्ट्री टनल और विधानसभा मार्ग से होते हुए चौड़ा मैदान पहुंचेंगे, जहां जनसभा आयोजित होगी।

BJP प्रदेश महामंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद अनुराग ठाकुर और सांसद सुरेश कश्यप समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रदेशभर से 8 से 10 हजार कार्यकर्ताओं के पहुंचने की बात कही गई है।

इससे पहले शनिवार को ऊना से लौटने के बाद डॉ. राजीव बिंदल ने चौड़ा मैदान में जनसभा स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने पदयात्रा की तैयारियों को देखा और संबंधित पदाधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।

डॉ. सिकंदर कुमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर को लेकर जनता में भ्रम फैला रही है। उन्होंने कहा कि BJP पदयात्रा के जरिए कांग्रेस के आरोपों का जवाब देगी और मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच जाएगी।

आम मतदाताओं के लिए जरूरी जानकारी

एसआईआर यानी मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। इसमें नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं। ऐसे में हर मतदाता को चाहिए कि वह अपना नाम मतदाता सूची में जरूर जांच ले। यह जांच निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए घर बैठे की जा सकती है। यदि नाम में कोई त्रुटि हो या नाम सूची से गायब हो, तो निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन किया जा सकता है। अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय केवल निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।