आयुर्वेद कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि उनकी वेतन विसंगति को अतिशीघ्र दूर किया जाए जिससे वह सरकार के साथ सदभाव से कार्य कर सकें। बिलासपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य आयुर्वेद कर्मचारी संघ के सचिव विनोद शर्मा ने कहा कि आयुवेद कर्मचारी हर स्थान पर अपनी सेवाएं निष्ठभाव से प्रदान करते आये हैं और भविष्य में भी सरकार के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर खड़े हुए हैं। लेकिन खेद इस बात का है कि सरकार उनकी वेतन विसंगति को दूर करने में अभी तक कोई कार्यवाई नहीं कर पाई है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी इस मांग को पूरा करने में आनाकानी करती है तो भविष्य में रणनीति तैयार करके संघर्ष का रास्ता भी अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वेतन विसंगति के साथ आयुर्वेद विभाग में 290 ऐसे कर्मचारी अभी भी बाकी हैं जिनको 4-9-14 का स्केल नहीं मिल पाया है। सरकार इन बचे हुए कर्मचारियों को तुरंत इस स्केल को प्रदान करके राहत प्रदान करे। इसके अतिरिक्त आयुर्वेद विभाग में पोस्टग्रेजुएट कर्मचारीयों के लिए पीजी पालिसी का भी तुरंत प्रावधान किया जाए।
वहीं, जिला अध्यक्ष अभिषेक ठाकुर ने कहा कि उन्हें सरकार से पूरी उम्मीद बनी हुई है कि आयुर्वेद कर्मचारियों की समस्यओं को सुलझाया जाएगा। लेकिन अगर ऐसा नही किया गया तो संघ भविष्य में कड़ा रुख अपना सकता है जिसके लिए सरकार जिम्मेवार होगी।, वहीँ इस अवसर पर संघ के सभी जिला पदाधिकारी उपस्थित रहे।



