मुख्य सचिव, अनिल कुमार खाची ने मिड-डे-मील योजना (मध्यान्ह भोजन योजना) की 19वीं राज्य स्तरीय परिचालन व निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा विभाग को स्कूल जाने वाले हर पात्र छात्र को गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 15516 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा तक 4,97,774 छात्र नामांकित हैं, जिन्हें मिड-डे-मील प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मिड-डे-मील योजना के तहत भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा 90:10 में अनुपात में राशि प्रदान की जाती है। इस वित्त वर्ष के दौरान भारत सरकार ने 8586.33 लाख रुपये स्वीकृत किये है और राज्य सरकार ने 862.30 लाख रुपये आवंटित किये हैं।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने राज्य को मिड-डे-मील योजना के तहत डबल फोर्टिफाईड नमक (आयरन व आयोडीन) और फोर्टिफाईड एडिबल ऑयल (विटामिन ए और डी) के उपयोग का परामर्श दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में ओपन मार्केट में डबल फोर्टिफाईड एडिबल ऑयल उपलब्ध नहीं है, इसलिए उन्होंने खाद्य आपूर्ति निगम के अधिकारियों को इसे उचित मूल्य की दुकानों में उपलब्ध करवाने की सम्भावनाएं तलाश करने को कहा है।
अनिल कुमार खाची ने कहा कि प्रदेश में चयनित 3740 सरकारी विद्यालयों में 25,000 प्री प्राईमरी छात्रों ने दाखिला लिया है, जिन्हें राज्य के संसाधनों से मिड-डे-मील प्रदान किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि अतिरिक्त धन राशि प्राप्त करने के लिए मामले को भारत सरकार के समक्ष उठाने के लिए कदम उठाए जाएं।



