हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर संघ के महासचिव पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि पंजाब पे कमीशन की सिफारिशें पंजाब सरकार में दाखिल कर दी गई हैं और जिस में यह अनुचित सिफारिश की गई है कि चिकित्सकों के नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउस को 20% कर दिया जाए और उसको बेसिक वेतन से अलग कर दिया जाए। इसके विरोध में पंजाब चिकित्सक संघों ने 25 जून से इन अनुचित सिफारिशों के विरोध में प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। जिसमें वह 25 जून से सुबह 2 घंटे की पेन डाउन हड़ताल और गेट मीटिंग आयोजित करेंगे। क्योंकि हमारे प्रदेश में भी पंजाब पे कमीशन ही लागू किया जाता है,इसलिए हिमाचल प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में सभी ने एकमत से निर्णय लिया कि इन अनुचित सिफारिशों का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जैसा की आपको विदित ही है कि इस समय महामारी पूरे देश को बुरी तरह से जकड़ हुए है और हमारे चिकित्सक फ्रंट लाइन पर अपनी जान हथेली पर लेकर इस महामारी से लड़ रहे हैं तो ऐसे समय में इस तरह की सिफारिशें चिकित्सकों के मनोबल को गिराने वाली हैं और साथ में भविष्य में बनने वाले चिकित्सकों को भी सरकारी क्षेत्र में नौकरी करने के लिए हतोत्साहित करने वाला कदम है । बल्कि इस समय तो हमारे संघ की मांग है कि जैसे पंजाब चिकित्सक संघ ने एनपीए को 25% से 35% करने की प्रार्थना की है हम भी वही अनुरोध करते हैं कि इसे 35% किया जाए।इसलिए प्रदेश कार्यकारिणी की सहमति के बाद संघ ने यह निर्णय लिया है कि 27 जून से सुबह 9:30 से 11:30 तक प्रदेश के सभी चिकित्सक पेन डाउन स्ट्राइक और गेट मीटिंग करेंगे ,आपातकालीन सुविधाओं को इसमें जारी रखा जाएगा।



