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चौहाटा की जातर में भारी भीड़ उमड़ी, श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं के दर्शन किए
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टारना मंदिर से उतरे बड़ादेव कमरूनाग, श्रद्धालुओं ने दर्शन किए
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देव आदि ब्रह्मा ने शहर की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की प्रार्थना की
Mandi Shivratri:सप्ताह भर चलने वाला शिवरात्रि महोत्सव बुधवार को माधो राय मंदिर से पड्डल मैदान तक रंगारंग शोभा यात्रा के साथ संपन्न हो गया। समारोह के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने माधो राय मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा बाद में रंग-बिरंगी पगड़ी पहनकर शोभा यात्रा में भाग लिया।

अपने कंधों और पालकियों पर देवताओं को लेकर नृत्य करते सैकड़ों शिष्य शोभा यात्रा का आकर्षण थे। पुरानी परंपरा के अनुसार सुबह देवताओं को चुआटा बाजार लाया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनसे आशीर्वाद लेने आए। कई देवता और उनके शिष्य त्योहार के अंतिम दिन अपने निवास स्थान पर लौट गए।

शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा, ‘‘मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे स्थानीय देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ ही छोटी काशी के शिवरात्रि महोत्सव की भव्यता और अनूठी देव परंपरा को पहली बार देखने का मौका मिला है।’’

वहीं ऐतिहासिक चौहटा जातर में भी देवलोक उतरा। छोटी काशी के अधिष्ठाता बाबा भूतनाथ के प्रांगण में चौहाटा की जातर के बाद देवी-देवताओं का लौटना शुरू हुआ।

हर वर्ष शिवरात्रि के दौरान जनपद के देवी-देवता मंडी में एकत्र होते हैं, जिससे पूरा शहर भक्तिमय हो जाता है। इस वर्ष भी चौहाटा की जातर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी-देवताओं के दर्शनों के लिए उमड़े। हालांकि इस बार जातर के दौरान व्यवस्थाओं में सुधार किया गया, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति नहीं बनी।

चौहाटा बाजार में विशेष आयोजन हुआ, जिसमें देवी-देवताओं के दर्शनार्थ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देवी-देवताओं ने अपने-अपने परिजनों से मिलकर विदाई ली और अगले वर्ष फिर मिलने के वादे के साथ अपने धामों को लौट गए।

इस दौरान बड़ादेव कमरूनाग भी टारना मंदिर का अपना आसन छोड़कर चौहाटा की जातर में शामिल हुए। उन्होंने सेरी चाणणी की पौड़ियों पर कुछ समय के लिए अपना स्थान बनाया, जहां श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए उमड़ पड़े। देव कमरूनाग 17 फरवरी के बाद टारना की पहाड़ी से उतरे और अन्य देवी-देवताओं से मिलकर अपने यजमानों के घरों की ओर प्रस्थान कर गए।

देव आदि ब्रह्मा ने नगर की सुख-समृद्धि के लिए कार बांधी। उनके देवलुओं ने शहर की परिक्रमा की और जौ के आटे का गुलाल उड़ाकर बुरी आत्माओं को दूर रहने का संदेश दिया।
इससे पहले मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त अपूर्व देवगन ने राज राजेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की और चौहाटा में मौजूद देवी-देवताओं को चादरें व पूजन सामग्री भेंट की। इसके बाद श्रद्धालु नाचते-गाते हुए अपने-अपने देवी-देवताओं के साथ गांव लौट गए।



