Road widening delays India: केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री ने सांसद सुरेश कश्यप को पत्र लिखकर पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोकसभा में नियम 377 के तहत 13 फरवरी 2025 को इस विषय को उठाया गया था, जिसमें राजमार्ग को चार लेन में परिवर्तित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की गई थी।
मंत्री ने अपने पत्र में बताया कि इस परियोजना की कुल लंबाई 31.195 किलोमीटर है, जिसमें से 13.3 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में और 17.895 किलोमीटर हिस्सा हिमाचल प्रदेश में आता है। अब तक इस परियोजना का 42% कार्य पूरा हो चुका है, जिसमें हिमाचल में 3.5 किलोमीटर और हरियाणा में 5.44 किलोमीटर चार लेन सड़क का निर्माण हो चुका है।
हालांकि, परियोजना के प्रारंभ में कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया में देरी हुई, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। इसके अलावा, पेड़ कटान और उपयोगिता सेवाओं (पाइपलाइन, बिजली के खंभे आदि) को स्थानांतरित करने में भी विलंब हुआ। हरियाणा में खनन विभाग ने लगभग एक साल बाद ठेकेदार को मिट्टी उठाने की अनुमति प्रदान की, जिससे कार्य की गति धीमी रही।
जुलाई और अगस्त 2023 में प्रदेश में भारी बारिश के कारण भी सड़क निर्माण कार्य बाधित हुआ। वहीं, बद्दी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है, जिसका मुख्य कारण स्थानीय निवासियों द्वारा अवैध पार्किंग और औद्योगिक वाहनों का सड़क किनारे खड़ा किया जाना है। इस समस्या को कम करने के लिए प्रशासन ने यातायात पुलिस की तैनाती कर दी है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने ठेकेदार को निर्देश दिए हैं कि वह कार्य में तेजी लाने के लिए आवश्यक संसाधनों को बढ़ाए। परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
परियोजना को पूरा करने की संशोधित समय-सीमा 31 दिसंबर 2025 तय की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि इस राजमार्ग का निर्माण जल्द से जल्द पूरा हो, जिससे यातायात की स्थिति में सुधार हो और क्षेत्र के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।



