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चिट्टा पर हंगामा, सत्तापक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक

Himachal Drug Problem: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में चिट्टा (ड्रग्स) का मुद्दा गरमा गया। सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच इस गंभीर मुद्दे को लेकर तीखी बहस हुई। प्रश्नकाल के दौरान विधायक डीएस ठाकुर, मलेंद्र राजन, विनोद कुमार और केवल सिंह पठानिया द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में नशे के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को लेकर जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि जब से सरकार आई है, तब से नशा कारोबार में 30 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। नशे के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए सरकार सख्त कानून लेकर आ रही है, जिसमें नशा तस्करों की संपत्ति जब्त करने और उन्हें जमानत से रोकने जैसे प्रावधान होंगे

मुख्यमंत्री सुक्खू ने सदन में कहा –

“हमने प्रदेश की सभी पंचायतों की मैपिंग पूरी कर ली है। अब हमें पता है कि किन इलाकों में चिट्टा ज्यादा फैल रहा है और कौन लोग इसमें संलिप्त हैं। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार विशेष टास्क फोर्स (STF) बनाने पर काम कर रही है, ताकि नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके


सरकारी कर्मचारी भी चिट्टे में संलिप्त!

मुख्यमंत्री ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि –

“60 से ज्यादा सरकारी कर्मचारी नशे में संलिप्त पाए गए हैं। बजट सत्र के बाद इन सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि सरकार किसी को नहीं बख्शेगी और नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे


विपक्ष का हमला – ‘उड़ता पंजाब’ के बाद ‘रेंगता हिमाचल’

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नशा मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा –

“पहले ‘उड़ता पंजाब’ सुना था, अब ‘रेंगता हिमाचल’ दिख रहा है। सरकार आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है, मगर सच्चाई यह है कि हालात बेहद खराब हैं।”

उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार 30 प्रतिशत मामलों में गिरावट की बात कर रही है, मगर यह आंकड़ा कैसे तैयार किया गया?

विपक्ष ने दावा किया कि –

“पिछले कुछ महीनों में 10 से ज्यादा लोग चिट्टे की वजह से सड़कों पर दम तोड़ चुके हैं। सरकार चाहे जितने भी दावे करे, हकीकत यह है कि हिमाचल में नशे का जाल फैलता जा रहा है।”


इस मुद्दे पर तीखी बहस के बाद अब बजट 2025-26 पर चर्चा शुरू हो गई है। बजट सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच फिर से टकराव देखने को मिल सकता है। माना जा रहा है कि नशे के खिलाफ नए कानून से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की जा सकती हैं