➤ एनआईटी हमीरपुर में तीन दिवसीय शिक्षा महाकुंभ का समापन, अनुराग ठाकुर रहे मुख्य अतिथि
➤ शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर, युवाओं से एआई के सही इस्तेमाल की अपील
➤ अनुमति के बिना धरना-प्रदर्शन और ईवीएम को लेकर विपक्ष पर अनुराग ठाकुर ने रखे विचार
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में आयोजित तीन दिवसीय शिक्षा महाकुंभ 2026 के छठे संस्करण का समापन हो गया। अंतिम दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि समाजसेवी डॉ. इंद्रेश कुमार विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में सुरक्षित भारत और विकसित भारत की अवधारणा पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने शिक्षा, संस्कार, संस्कृति, राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी विकास को देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर विचार रखे।
समापन समारोह में शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत नेतृत्व, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने और युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई। वक्ताओं ने कहा कि देश को आंतरिक और बाहरी चुनौतियों से सुरक्षित रखने के लिए शिक्षा, समाज, संस्कार और संचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
शिक्षा और सुरक्षा को लेकर क्या बोले अनुराग ठाकुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने शिक्षा महाकुंभ के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि विद्या भारती की ओर से हमीरपुर में शिक्षा महाकुंभ के छठे संस्करण का शानदार आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष इस कार्यक्रम का आयोजन आईआईटी जम्मू में किया जाएगा। उनके अनुसार, इस आयोजन में शिक्षा, संस्कार, संस्कृति और समृद्धि सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश को शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत नेतृत्व मिला है, जिसके चलते शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश की जनता खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता का भी जिक्र किया और कहा कि देश अब रक्षा उपकरणों का दूसरे देशों को निर्यात भी कर रहा है।
डॉ. इंद्रेश कुमार ने एकजुटता और संस्कारों पर दिया जोर
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे समाजसेवी डॉ. इंद्रेश कुमार ने स्वतंत्रता, सम्मान, शिक्षा, स्वाभिमान और संस्कारों को समाज की मूलभूत आवश्यकताएं बताया। उन्होंने कहा कि इन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए गंभीरता से प्रयास करने होंगे।
उन्होंने वास्तविकता के साथ जीवन जीने और भारतीय पहचान व सांस्कृतिक मूल्यों को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए सभी लोगों को एकजुट होकर काम करना होगा। उनके विचारों में सामाजिक एकता, शिक्षा और संस्कारों को देश के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला के रूप में प्रस्तुत किया गया।
धरना-प्रदर्शन और अनुमति को लेकर अनुराग ठाकुर का बयान
दिल्ली में चल रहे आंदोलन से जुड़े सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि किसी भी स्थान पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और अनुमति संबंधी नियमों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोजन के संबंध में सही जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है और सुरक्षा व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक विवरण देना चाहिए।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान को कुचलने वाले लोग आज संविधान बचाने की बात कर रहे हैं। यह उनकी राजनीतिक टिप्पणी थी, जिसके जरिए उन्होंने विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सुरक्षा पर दिया संदेश
अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि देश को ऐसी गतिविधियों और विदेशी हस्तक्षेप से सतर्क रहने की आवश्यकता है, जो भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं।
चुनावी प्रक्रिया पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर राजनीतिक दलों के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में जीत मिलने पर ईवीएम को सही और हार मिलने पर गलत बताया जाता है। मतदाता सूची से संबंधित आंकड़ों और आरोपों को लेकर उन्होंने अपनी बात रखी, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए अलग से आधिकारिक आंकड़ों की जांच आवश्यक है।
ममता बनर्जी के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के देश में ‘सुपर इमरजेंसी’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुराग ठाकुर ने उनकी आलोचना की। उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति और उनकी पार्टी की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके बयान राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़े हैं। यह टिप्पणी भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के संदर्भ में आई।
युवाओं और तकनीक को लेकर क्या रहा संदेश
शिक्षा महाकुंभ के समापन पर युवाओं को नई तकनीक अपनाने, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में एआई का उपयोग केवल सुविधा के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा, नवाचार और सामाजिक विकास के लिए भी किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, सांस्कृतिक मूल्यों और सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाना होगा। समापन समारोह में सामने आए विचारों का केंद्रीय संदेश यही रहा कि भारत के भविष्य को मजबूत बनाने में शिक्षा, तकनीक, संस्कार और सामूहिक भागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।



