➤ सेब बागानों में फैल रही बीमारी पर बागवानों ने जताई चिंता
➤ मुख्यमंत्री ने नौणी विश्वविद्यालय को जांच के निर्देश दिए
➤ सात दिन में मांगी विस्तृत रिपोर्ट, वैज्ञानिक टीम तुरंत रवाना
हिमाचल प्रदेश में सेब के बागानों में अचानक फैल रही रहस्यमयी बीमारी ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। इसको लेकर आज सेब उत्पादकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात की और फसलों को हो रहे नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बागवानों ने बताया कि इस नई बीमारी के कारण सेब के पत्ते पीले पड़ रहे हैं और समय से पहले झड़ रहे हैं, जिससे पैदावार में भारी गिरावट आ रही है।
मुख्यमंत्री ने इस मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए इसे गंभीर आर्थिक नुकसान से जोड़ते हुए, संबंधित विभागों को सक्रिय किया। उन्होंने सीधे डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन के कुलपति से संपर्क कर विशेषज्ञों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बीमारी की वैज्ञानिक जांच की जाए और इसकी रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर उपायों की जानकारी बागवानों को दी जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सात दिनों के भीतर सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाए, ताकि तत्काल कदम उठाए जा सकें। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार किसानों और फल उत्पादकों की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सेब उत्पादन प्रदेश की आर्थिक रीढ़ है और हजारों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है, ऐसे में इस प्रकार की रोगजनित आपदाओं को गंभीरता से लेना आवश्यक है। मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर प्रमुख सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान भी मौजूद रहे।



