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गेयटी थिएटर में हास्य नाटक ‘प्रोजेक्ट टर्मोइल’ से गूंजा आरट्रेक का स्थापना समारोह

सेना प्रशिक्षण कमान का 35वां स्थापना दिवस शिमला में समारोह
सैन्य-नागरिक सांस्कृतिक संगम में हास्य नाटक ‘प्रोजेक्ट टर्मोइल’ का मंचन
समारोह में वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व सैनिक और स्थानीय लोग हुए शामिल


 हिमाचल की राजधानी शिमला ने एक बार फिर सैन्य और सांस्कृतिक परंपरा के अनूठे संगम का साक्षी बनते हुए सेना प्रशिक्षण कमान (आरट्रेक) का 35वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर एमेच्योर ड्रामेटिक क्लब, शिमला के सहयोग से ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। यहां हास्य, जासूसी और रहस्य से भरपूर नाटक ‘प्रोजेक्ट टर्मोइल’ का मंचन हुआ, जिसने सैन्य और नागरिक दर्शकों को एक साथ बांध दिया।

अनिल वालिया और सिया मिनोचा द्वारा निर्देशित यह नाटक 1960 के दशक की एक जासूसी कहानी है, जिसमें CIA और KGB के एजेंट, गुप्त फाइल की चोरी और गलत पहचान का हास्यपूर्ण सिलसिला चलता है। रंगमंच पर भेष बदलते जासूस, महत्वाकांक्षी जेम्स बॉन्ड और रहस्यमयी होटल मैनेजर ने दर्शकों को ठहाकों से लोटपोट कर दिया।

नाटक में तारिणी सूद, कृष्णा शर्मा, देव्या जुब्बल, गगन चौधरी, लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रम सिंह, नेहा देसाई बख्शी, चंद्रजीत सिंह, ज्योतिका टी वशिष्ठ, कर्नल अंकुश गुप्ता और मेजर जनरल अजय फ़िरोज़ शाह जैसे कलाकार मंच पर उतरे। वहीं मंच के पीछे अजीत बुटेल, गिरीश मिनोचा और मनमोहन मनचंदा ने अपनी अहम भूमिका निभाई।

19 सितंबर को आयोजित मुख्य कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, आरट्रेक सहित वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व सैनिक, गणमान्य व्यक्ति और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। दर्शकों ने इस सांस्कृतिक प्रस्तुति को न केवल कलात्मक दृष्टि से सराहा बल्कि इसे सैन्य और नागरिक समाज के बीच मजबूत होते संबंधों का प्रतीक भी बताया।

आरट्रेक ने अपनी स्थापना के 35 वर्षों में सैन्य प्रशिक्षण और सिद्धांत निर्माण में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। साथ ही इस तरह के आयोजनों से यह स्पष्ट करता है कि सेना केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं बल्कि सांस्कृतिक सद्भाव और सामाजिक सहयोग की भी प्रहरी है। यह समारोह शिमला की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान देने वाला साबित हुआ।