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हिमाचल में टीजीटी (हिन्दी) भर्ती के नए नियम लागू, बीएड अनिवार्य

 

  • टीजीटी (हिन्दी) भर्ती के लिए 37.5% सीधी भर्ती, 32.5% बैचवाइज़ और 5% एलडीआर कोटा निर्धारित
  • पदोन्नति के लिए 25% कोटा बरकरार, भर्ती नियमों में बीएड को अनिवार्य किया गया
  • यदि ग्रेजुएशन में अंक कम हैं, तो पोस्ट ग्रेजुएशन के अंक मान्य होंगे

Teacher Eligibility Criteria HP: हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (टीजीटी) हिन्दी, ग्रुप-सी के लिए भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2025 को अधिसूचित कर दिया है। यह नियम हिमाचल प्रदेश प्रारम्भिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए हैं और इन्हें राजपत्र (ई-गजट) में प्रकाशित किया गया है।

नए नियमों के तहत टीजीटी (हिन्दी) के 37.5% पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा, जबकि 32.5% बैचवाइज़ भर्ती के लिए आरक्षित रहेगा। इसके अलावा, 5% पद एलडीआर (सीमित विभागीय परीक्षा) के माध्यम से भरे जाएंगे। पदोन्नति (प्रमोशन) के लिए 25% कोटा पहले की तरह बना रहेगा। इन बदलावों का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और योग्यता-आधारित बनाना है।

शैक्षणिक योग्यता में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब टीजीटी भर्ती के लिए बीएड को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, यदि किसी उम्मीदवार के ग्रेजुएशन में अंक कम हैं, तो पोस्ट ग्रेजुएशन के अंकों को भी मान्यता दी जाएगी। यह निर्णय उन उम्मीदवारों के लिए राहत भरा है, जिनका ग्रेजुएशन में प्रदर्शन औसत रहा है लेकिन उन्होंने उच्च शिक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए हैं।

इसके साथ ही, भर्ती प्रक्रिया में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के मानकों को भी शामिल किया गया है। यदि भर्ती प्रक्रिया से पहले NCTE शैक्षणिक योग्यता में कोई बदलाव करता है, तो वह हिमाचल प्रदेश सरकार के भर्ती नियमों में स्वतः सम्मिलित हो जाएगा। इसके अलावा, टीजीटी ड्राइंग मास्टर के भर्ती नियम भी जारी कर दिए गए हैं, जिससे इस क्षेत्र में भी भर्ती प्रक्रिया को नियमित किया जा सके।

यह सभी भर्ती प्रक्रियाएं हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPSSC) या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित निकायों के माध्यम से की जाएंगी। इन नए नियमों से हिमाचल प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में सुधार और गुणवत्ता में वृद्धि होने की उम्मीद है।