धर्मशाला। कांगड़ा जिले के परागपुर विकास खंड अधिकारी (बीडीओ) वीरेंद्र कुमार कौशल को रिश्वत लेते हुए विजिलेंस की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा। अदालत में पेशी के बाद उन्हें तीन दिन की विजिलेंस हिरासत में भेज दिया गया है।
प्रधान की शिकायत पर हुई कार्रवाई
यह मामला तब सामने आया जब कडोआ पंचायत की प्रधान रीना देवी ने शिकायत दर्ज कराई कि बीडीओ कौशल ने 1.5 लाख रुपये की सरकारी धनराशि जारी करने के बदले 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इस पर विजिलेंस धर्मशाला की टीम ने 17 फरवरी को जाल बिछाकर बीडीओ को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
20 फरवरी तक हिरासत में रहेगा आरोपी
गिरफ्तारी के बाद बीडीओ वीरेंद्र कुमार कौशल को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 20 फरवरी तक तीन दिन की विजिलेंस हिरासत में भेजा गया है। इस दौरान, विजिलेंस टीम आरोपी से पूछताछ करेगी और मामले से जुड़े साक्ष्य एकत्रित करेगी।
अप्रैल में सेवानिवृत्ति, करियर पर लगा दाग
वीरेंद्र कुमार कौशल फरवरी 2023 से फरवरी 2024 तक परागपुर में बीडीओ पद पर तैनात रहे। उनकी सेवानिवृत्ति आगामी अप्रैल में होनी थी, लेकिन रिश्वतखोरी के इस मामले ने उनके करियर पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। इस घटना ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की गंभीर स्थिति को फिर उजागर कर दिया है, जिससे आम जनता में आक्रोश है।



