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‘अग्रिपथ’ लागू करने से पहले पुरानी भर्ती प्रक्रिया को किया जाए बहाल: एक्स सर्विसेज लीग

एक्स सर्विसेज लीग मंडी अग्निपथ योजना का समर्थन करती है, मगर इसे कुछ संशोधनों के बाद लागू करने की पक्षधार है।

बीरबल शर्मा |

एक्स सर्विसेज लीग मंडी के अध्यक्ष कर्नल प्रताप सिंह ने कहा कि देश के हित में पिछले दो सालों से कोरोना काल से पहले या इस दौरान जो युवा भर्ती की प्रक्रिया पूरा कर चुके हैं और उन्हें अभी परीक्षा देना बाकि है, उन सभी युवाओं को भर्ती के पुराने नियम व व्यवस्था के तहत सेना में भर्ती किया जाए, भले ही उनकी उम्र सीमा पार हो चुकी हों। मंडी में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इससे देश के युवाओं में भड़के आक्रोश के भूचाल को शांत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक्स सर्विसेज लीग मंडी अग्निपथ योजना का समर्थन करती है, मगर इसे कुछ संशोधनों के बाद लागू करने की पक्षधार है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सरकार चार साल के बाद 50 प्रतिशत वालों को अग्निवीर का सर्टिफिकेट जारी करे तथा जो अग्निविर उच्च शिक्षा, डिप्लोमा या डिग्री करना चाहते हैं उन्हें रिजर्व कोटे के तहत प्राथमिकता दी जाए। इससे फौज में स्थिरता रहेगी। उन्होंने कहा कि अग्निवीर सेवा निवृत के बाद सिविल सर्विस करना चाहता तो उसे रिजर्व कोटे के तहत प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि अग्निपथ की व्यवस्था में 75 प्रतिशत चार साल के लिए और 25 प्रतिशत को स्थाई रूप से भर्ती की व्यवस्था की बजाय 50 प्रतिशत को चार साल और 50 प्रतिशत को स्थाई रूप से रखा जाए। उन्होंने कहा कि दसवीं कक्षा से कॉलेज स्तर तक सभी बच्चों के एनसीसी अनिवार्य कर देनी चाहिए। इससे सेना में भर्ती होने के इच्छुक युवाओं को आसानी रहेगी।

वहीं, लीग के महासचिव कैप्टन हेतराम शर्मा ने कहा कि एक प्रशिक्षित सैनिक बनने के लिए प्रशिक्षण के कई चरणों से गुजरना पड़ता है। जिसमें आठ से दस साल का समय लगता है। उन्होंने मांग की है कि अग्रिवीरों की समयावधि चार साल से बढ़ाकर दस साल की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक्स सर्विस लीग जिला मंडी अग्निपथ योजना में बदलाव को लेकर जल्द ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेगी। इस अवसर पर कर्नल राणा और सरिता गुलेरिया ने भी अपने विचार रखे।