➤ बिलासपुर के घुमारवीं में जिम में एक्सरसाइज के दौरान टीचर विशाल कौंडल की मौत
➤ सीसीटीवी में घुटनों के बल बैठते, फिर जमीन पर लेटते दिखे, नहीं उठ पाए
➤ प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक की आशंका, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी असल वजह
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवीं में बुधवार सुबह जिम में एक्सरसाइज के दौरान एक टीचर की अचानक मौत हो गई। एक्सरसाइज करते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। वह पहले घुटनों के बल बैठ गए और करीब 8 से 10 सेकेंड तक इसी अवस्था में रहे। इसके बाद वह जमीन पर लेट गए। जमीन पर लेटने के बाद वह उठ नहीं पाए।
इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण दिल का दौरा पड़ना माना जा रहा है। हालांकि मौत की असल वजह क्या रही, इसका पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मृतक की पहचान विशाल कौंडल (50) निवासी गांव जोलपलाखी, घुमारवीं (बिलासपुर) के रूप में हुई है। वह एक निजी स्कूल में टीचर थे। जानकारी के मुताबिक विशाल कौंडल रोजाना की तरह बुधवार सुबह भी एक्सरसाइज करने के लिए घुमारवीं स्थित जिम पहुंचे थे। एक्सरसाइज करते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। वहां मौजूद लोगों ने स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत संभाला और अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
सीसीटीवी फुटेज में विशाल कौंडल जिम में एक्सरसाइज करते नजर आ रहे हैं। शुरुआत में वह रनिंग करते हैं। इसके बाद 5 से 7 सेकेंड तक मशीन के सहारे खड़े रहते हैं और फिर घुटनों के बल बैठ जाते हैं। करीब 8 से 10 सेकेंड तक इसी अवस्था में रहने के बाद वह जमीन पर लेट जाते हैं। इस दौरान जिम में दो अन्य लोग भी एक्सरसाइज कर रहे थे। विशाल को गिरा देखकर दोनों उनकी मदद के लिए दौड़ते हैं। इनमें से एक व्यक्ति सीपीआर देने की कोशिश करता है। इसके बाद विशाल को अस्पताल ले जाया जाता है।
जिम में बढ़ रहे हैं अचानक कार्डियक अरेस्ट के मामले। बीते कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों से जिम या एक्सरसाइज के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने और जान जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। चिकित्सा जगत में माना जाता है कि भारी या तीव्र व्यायाम के दौरान हृदय पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। यदि पहले से हृदय संबंधी कोई समस्या मौजूद हो और उसकी जानकारी न हो, तो यह दबाव जोखिम बढ़ा सकता है। 40 वर्ष की उम्र के बाद नियमित जांच कराना इसी कारण जरूरी माना जाता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज। एक्सरसाइज के दौरान या उसके बाद सीने में दर्द, भारीपन या जकड़न, बाएं हाथ, कंधे, जबड़े या पीठ में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना आना, चक्कर आना, घबराहट या असामान्य थकान महसूस होना हृदय संबंधी समस्या के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में व्यायाम तुरंत रोककर आराम करना चाहिए और बिना देरी चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। इन्हें थकान समझकर टालना जोखिम भरा हो सकता है।
जिम जाने वाले इन बातों का रखें ध्यान। जिम शुरू करने से पहले या लंबे अंतराल के बाद लौटने पर ईसीजी और जरूरत के अनुसार अन्य हृदय जांच चिकित्सक की सलाह से कराई जा सकती है। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या परिवार में हृदय रोग का इतिहास होने पर विशेष सावधानी जरूरी है। व्यायाम की तीव्रता धीरे-धीरे बढ़ाएं, वॉर्मअप और कूल डाउन जरूर करें, शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त नींद लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के सप्लीमेंट या स्टेरॉयड जैसे पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए।
सीपीआर सीखना क्यों जरूरी। कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम होते हैं। यदि कोई व्यक्ति अचानक गिर जाए, उसकी प्रतिक्रिया न हो और सांस सामान्य न चल रही हो, तो तुरंत एंबुलेंस के लिए 108 पर कॉल करें और बिना देरी छाती के बीचोंबीच तेज और लगातार दबाव देकर सीपीआर शुरू करें। जिम संचालकों और प्रशिक्षकों के लिए सीपीआर का प्रशिक्षण और जिम में प्राथमिक उपचार किट तथा एईडी जैसी सुविधा उपलब्ध होना जरूरी माना जाता है।



