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महिला आरक्षण पर भाजपा का हमला, बिंदल ने कांग्रेस को घेरा

महिला आरक्षण पर भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला, ‘70 करोड़ बहनों के साथ विश्वासघात’ का आरोप
23 अप्रैल को शिमला में ‘जन आक्रोश पदयात्रा’ निकालने का ऐलान
पंचायती राज चुनाव में दखल और फंड दुरुपयोग के आरोपों से सियासत गरमाई



शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह महिलाओं के अधिकारों के साथ “विश्वासघात” है। बिंदल ने आरोप लगाया कि जब देश में महिलाओं को सत्ता में भागीदारी देने का अवसर आया, तब कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इसे रोकने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विशेष संसद सत्र बुलाकर महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई थी, लेकिन कांग्रेस ने इसे समर्थन नहीं दिया।

डॉ. बिंदल ने कहा कि पिछले कई वर्षों में केंद्र सरकार ने महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाए, और अब उन्हें नीति निर्धारण में भागीदारी देने का समय था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक महिला आरक्षण को लटकाए रखा और जब इसे लागू करने का मौका आया तो उसका विरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं का अस्पष्ट रुख महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने ऐलान किया कि 23 अप्रैल को शिमला में ‘जन आक्रोश पदयात्रा’ निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भाग लेंगी। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई बताते हुए कहा कि प्रदेश की महिलाएं इसका जवाब सड़कों पर उतरकर देंगी।

प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. बिंदल ने पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों को लेकर भी प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और टालने की कोशिश की, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हुई। उनके अनुसार, चुनाव आयोग को राज्यपाल को विस्तृत पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी, जिससे सरकार के सहयोग की कमी सामने आई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंचायतों और नगर निकायों के लिए केंद्र से आए वित्त आयोग के फंड को सरकार ने अपने पास रोक लिया, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए। बिंदल ने इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का भी हनन हुआ है।

हालांकि उन्होंने शहरी निकाय चुनावों की घोषणा का स्वागत करते हुए इसे जनता और न्याय व्यवस्था की जीत बताया और उम्मीद जताई कि जल्द ही पंचायत चुनाव भी होंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता इस मुद्दे पर अपना फैसला देगी।