➤ शिमला में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई
➤ भाजपा जनजाति मोर्चा द्वारा आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में गणमान्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे
➤ सभी ने बिरसा मुंडा के आदर्शों और योगदान को समाज में फैलाने और जनजातीय विकास के संकल्प व्यक्त किए
शिमला। राजधानी शिमला में आज भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती अत्यंत भव्यता, उल्लास और गहरी श्रद्धा के साथ मनाई गई। भारतीय जनता पार्टी जनजाति मोर्चा द्वारा आयोजित इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य भगवान बिरसा मुंडा के जनसंघर्ष, सामाजिक सुधार और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण कर भावी पीढ़ियों को प्रेरित करना था।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष केशव चौहान मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्षपूर्ण जीवन, सामाजिक न्याय के लिए प्रयास और देशभक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा केवल आदिवासी समाज के नायक नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणा स्तंभ हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में समरसता और जनकल्याण की दिशा में कदम बढ़ाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिंह सिंगटा ने केंद्र सरकार द्वारा जनजातीय समाज के लिए चलाई जा रही योजनाओं और नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अभूतपूर्व प्रयास हुए हैं। जनजातीय गौरव दिवस की घोषणा ने बिरसा मुंडा के योगदान को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया है और जनजातीय अस्मिता को नई पहचान दी है।

कार्यक्रम की शुरुआत एसटी मोर्चा के जिला अध्यक्ष जयचंद नेगी ने स्वागत अभिवादन से की। उन्होंने उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों और कार्यकर्ताओं का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के आदर्श हमारे पथ प्रदर्शक हैं और उनके विचारों को समाज में व्यापक रूप से फैलाना हमारा संकल्प है।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। जिला एसटी मोर्चा के महामंत्री कमल शर्मा, उपाध्यक्ष एडवोकेट बी.एन. भारद्वाज, डॉ. अनिल भारद्वाज, प्रियंका बिष्ट, विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में बिरसा मुंडा के आदर्शों को समाज में फैलाने और जनजातीय समाज के विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।



