Chaitra Navratri 2024: चैत्र नवरात्र 30 मार्च से शुरू होकर 6 अप्रैल तक मनाए जाएंगे, जिसमें शक्ति की देवी मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होगी। नवरात्र के दौरान श्रद्धालु व्रत रखकर देवी की आराधना करेंगे और विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। इस बार नवरात्र में सर्वार्थ सिद्ध, इंद्र, बुधादित्य, शुक्रादित्य और लक्ष्मी नारायण योग बनने से यह और भी शुभ फलदायक होंगे।
ज्योतिषाचार्य चंद्र शर्मा शास्त्री के अनुसार, 31 मार्च को द्वितीय और तृतीय स्वरूप की पूजा एक साथ होगी क्योंकि इस बार तृतीय तिथि का क्षय हो रहा है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
-
सुबह 6:13 से 10:22 बजे तक
-
दोपहर 12:01 से 12:50 बजे तक
इन दोनों मुहूर्तों में घट स्थापना करना मनोवांछित फलदायक माना जाता है।
तीनों शक्तिपीठों में विशेष तैयारियां
बज्रेश्वरी माता मंदिर, ज्वालाजी और चामुंडा नंदिकेश्वर धाम को फूलों से विशेष रूप से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और सफाई व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर (कांगड़ा)
-
मंदिर सुबह 4:30 बजे से खुलेगा
-
100 पुलिसकर्मी और 20 सीसीटीवी से सुरक्षा व्यवस्था
-
श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त बस सेवा और लंगर की व्यवस्था
ज्वालामुखी मंदिर
-
मंदिर सुबह 5 बजे से खुलेगा
-
शहर को 6 सुरक्षा सेक्टरों में बांटा गया
-
80 सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर
-
12 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए
श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम
-
मंदिर में सप्त चंडी पाठ, रुद्राभिषेक, रामायण पाठ और भागवत पुराण का आयोजन
-
अष्टमी की रात को मां का नशीत पूजन, 108 व्यंजनों का भोग अर्पण
-
45 पुलिस कर्मी, 12 होमगार्ड और 28 सीसीटीवी से सुरक्षा कड़ी
श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सालय 24 घंटे खुला रहेगा।
छठी, सप्तमी और अष्टमी पर शक्तिपीठ 24 घंटे खुले रहेंगे और ज्वालामुखी में ड्रोन से निगरानी की जाएगी।



