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भरमौर रूट पर बस पर गिरे पत्थर, 25 यात्री बाल-बाल बचे


➤ चंबा के भरमौर-हड़सर-कुगती रूट पर एचआरटीसी बस पर गिरे पत्थर, बड़ा हादसा टला
➤ बस का अगला टायर सड़क से बाहर लटका, करीब 20–25 यात्री सवार थे
➤ चालक की सूझबूझ और जेसीबी की मदद से बस को सुरक्षित निकाला गया



हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बुधवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब भरमौर-हड़सर-कुगती रूट पर चल रही एचआरटीसी की यात्री बस अचानक भूस्खलन क्षेत्र में फंस गई। बस में उस समय करीब 20 से 25 यात्री सवार थे। घटना हड़सर के पास सांदी क्षेत्र में हुई, जहां पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे और सड़क का एक हिस्सा पहले से मलबे से प्रभावित था।

कुगती से भरमौर की ओर जा रही बस जैसे ही भूस्खलन वाले हिस्से से गुजर रही थी, चालक ने सड़क पर गिरे पत्थरों से बचाते हुए बस को दूसरी ओर से निकालने की कोशिश की। इसी दौरान बस का अगला टायर सड़क से बाहर निकलकर हवा में लटक गया। यह दृश्य देखते ही बस के अंदर सवार यात्रियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। कुछ क्षणों के लिए सभी को लगा कि बस गहरी खाई में गिर सकती है।

हालांकि, चालक ने बेहद सूझबूझ और धैर्य का परिचय दिया। उसने तुरंत बस को वहीं रोक दिया और सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतरने के निर्देश दिए। इसके बाद खुद स्थिति का जायजा लिया। मौके की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट हो गया कि बस को सामान्य तरीके से वहां से निकालना संभव नहीं है।

इसके बाद मौके पर जेसीबी मशीन बुलाई गई। करीब एक घंटे बाद जेसीबी पहुंची और लोहे की मजबूत तार से बस को बांधकर खींचते हुए सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान यात्रियों की सांसें थमी रहीं, लेकिन आखिरकार सभी सुरक्षित रहे। चालक की तत्परता और जेसीबी ऑपरेटर की मदद से एक बड़ा हादसा टल गया

घटना के बाद बस में सफर कर रहे यात्री निजी वाहनों और पैदल ही अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। यात्रियों के चेहरों पर साफ तौर पर खौफ देखा गया। कई यात्रियों ने कहा कि यदि बस कुछ इंच और खिसक जाती, तो गंभीर हादसा हो सकता था।

एचआरटीसी चंबा डिपो के डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि बस और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना भूस्खलन और सड़क पर गिरे मलबे के कारण हुई। फिलहाल बस को सुरक्षित निकाल लिया गया है और मार्ग की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।