➤ हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: पूर्व विधायकों की पेंशन रोकने पर लगी रोक
➤ राजेंद्र राणा और रवि ठाकुर को मिलेगी बकाया पेंशन, कोर्ट ने दिए आदेश
➤ नया कानून केवल 14वीं विधानसभा के बाद अयोग्य घोषित विधायकों पर होगा लागू
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट से पूर्व विधायकों के लिए राहत भरी खबर आई है। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने पूर्व विधायक राजेंद्र राणा और रवि ठाकुर द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उनकी पेंशन और बकाया राशि को जारी करने के आदेश दिए हैं।

मामले की सुनवाई के दौरान हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सचिव की ओर से अदालत को सूचित किया गया कि राज्य सरकार ने ‘हिमाचल प्रदेश विधानसभा (भत्ता और पेंशन संशोधन) विधेयक, 2024’ को वापस ले लिया है।

इसके स्थान पर लाया गया नया संशोधन विधेयक 2026 स्पष्ट करता है कि पेंशन का हक केवल उन विधायकों से छीना जाएगा जो 14वीं विधानसभा या उसके बाद के कार्यकाल के दौरान 10वीं अनुसूची (दलबदल कानून) के तहत अयोग्य घोषित किए गए हों।

चूँकि राजेंद्र राणा और रवि ठाकुर 12वीं और 13वीं विधानसभा के सदस्य रहे हैं, इसलिए वे इस नए कानून के दायरे में नहीं आते हैं। हाई कोर्ट ने विधानसभा सचिव को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं की देय पेंशन और उसका एरियर एक महीने के भीतर जारी किया जाए। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया, तो विभाग को इस पर 6% वार्षिक ब्याज भी देना होगा। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि पेंशन पर रोक लगाने वाले नए प्रावधान पिछली तिथियों (Retrospective) से लागू नहीं होंगे।



