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चमियाना एआईएमएसएस में रोबोटिक सर्जरी महंगी, फीस 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार


➤ रोबोटिक सर्जरी की फीस में 20 हजार रुपये की बढ़ोतरी
➤ हिम केयर और आयुष्मान योजना में कवर नहीं, मरीजों पर सीधा असर
➤ जनरल वार्ड में 50 हजार, स्पेशल वार्ड में 80 हजार खर्च


शिमला। अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (एआईएमएसएस) में रोबोटिक सर्जरी अब मरीजों के लिए और महंगी हो गई है। अस्पताल प्रशासन ने सर्जरी की फीस 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी है। बढ़ी हुई दरें लागू भी कर दी गई हैं।

जानकारी के अनुसार, आरकेएस से मंजूरी मिलने के बाद रोबोटिक सर्जरी की फीस में 20 हजार रुपये की वृद्धि की गई। अस्पताल में यह सुविधा पिछले वर्ष अगस्त में शुरू हुई थी। अब तक यहां 150 से अधिक रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं, जिनमें प्रोस्टेट, किडनी और ट्यूमर से जुड़ी जटिल सर्जरी शामिल हैं।

सबसे अहम बात यह है कि रोबोटिक सर्जरी को प्रदेश सरकार की हिम केयर और केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर नहीं किया जाता। ऐसे में बढ़ी हुई फीस का सीधा बोझ मरीजों को उठाना पड़ेगा।

अस्पताल प्रशासन का तर्क है कि एक रोबोटिक सर्जरी पर औसतन करीब एक लाख रुपये का खर्च आता है, जिसमें से आधा खर्च अभी भी प्रदेश सरकार वहन कर रही है। जनरल वार्ड में भर्ती मरीज को 50 हजार और स्पेशल वार्ड में भर्ती मरीज को 80 हजार रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।

अस्पताल में रोबोट के साथ आई 200 किट में से 150 से अधिक इस्तेमाल हो चुकी हैं। सर्जरी में उपयोग होने वाले उपकरण, मेंटेनेंस और तकनीकी सपोर्ट पर भारी खर्च आता है। नियमित सर्विसिंग पर भी एक लाख रुपये तक का व्यय होता है। ऐसे में भविष्य में फीस और बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा।

वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी आम सर्जरी से महंगी होती है, क्योंकि इसमें उपयोग होने वाले उपकरण और अन्य सामग्री महंगी होती है। इसी आधार पर 50 हजार रुपये प्रति सर्जरी फीस तय की गई है।

उधर, राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज में भी रोबोटिक सर्जरी की फीस बढ़ाने की तैयारी है, जबकि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में यह सुविधा शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है।