➤ बाल दिवस पर रिज मैदान में चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट बच्चों के लिए स्पोर्ट्स और कल्चरल मीट का आयोजन
➤ सीएम ने कहा— सुख आश्रय कानून बनाने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य
➤ भाजपा के आरोपों पर पलटवार— सोलन व चंबा में क्या हो रहा, पहले यह देखें; भाजपा नैतिकता की बात न करे
शिमला। बाल दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक रिज मैदान पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट बच्चों के लिए भव्य स्पोर्ट्स और कल्चरल मीट का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बाल दिवस को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के साथ रिज पर मनाया। सीएम ने इस दौरान एक बच्चे को गोद में उठाकर पहाड़ी नाटी पर डांस किया।
दरअसल, महिला एवं बाल विकास निदेशालय द्वारा बाल दिवस पर 14 से 16 नवंबर तक शिमला स्थित बाल गृह टूटीकंडी में चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट स्पोर्ट्स एंड कल्चरल मीट 2025 आयोजन किया जा रहा है।

इसी कड़ी में आज रिज पर विशेष बच्चों के लिए कार्यक्रम रखा गया। इसका शुभारंभ सीएम सुक्खू ने किया। इस कार्यक्रम में विशेष बच्चों के अलावा शहर के दूसरे स्कूलों के बच्चे भी शामिल हुए।
हिमाचल पुलिस बैंड हार्मनी ऑफ द पाइंस द्वारा प्रस्तुत गानों पर सभी स्कूलों के छात्रों ने जमकर डांस किया।
रिज मैदान पर पुलिस बैंड हार्मनी ऑफ द पाइनस की मधुर धुनों के बीच मुख्यमंत्री सुक्खू बच्चों के साथ उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल देश का पहला राज्य है जिसने सुख आश्रय कानून लागू किया। इसके तहत जन्म से 27 वर्ष तक चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट की पूरी जिम्मेदारी सरकार वहन करती है। उन्होंने कहा कि बाल दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों को प्रोत्साहन देने का प्रयास है।
सरकार के 3 साल के जश्न पर भाजपा द्वारा किए जा रहे आरोपों पर मुख्यमंत्री ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को पहले अपनी नैतिकता खुद में तलाशनी चाहिए। उन्होंने सोलन और चंबा में हो रही घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा को उन मामलों पर ध्यान देना चाहिए।
सुक्खू ने कहा कि यह एक सरकारी कार्यक्रम है जिसमें सरकार अपने कार्य जनता के सामने रखने जा रही है, इसमें राजनीति खोजने की जरूरत नहीं।



