➤ मुख्यमंत्री सुक्खू ने करसोग में मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट और 66 केवी सब स्टेशन की घोषणा की
➤ तिब्बन और पांगणा बनेंगे सीबीएसई स्कूल, तीन नए पटवार सर्कल होंगे स्थापित
➤ भाजपा पर निशाना—एडिशनल बॉरोइंग में अड़ंगे लगा रही है विपक्ष, विकास रोकने की साजिश
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को मंडी जिला के करसोग विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया और क्षेत्र को कई बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला करसोग को राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल का दर्जा देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले सत्र से यह स्कूल सीबीएसई पाठ्यक्रम आधारित होगा और यहां पर्याप्त स्टाफ नियुक्त किया जाएगा।

उन्होंने करसोग में मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट तथा 66 केवी सब स्टेशन स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही तिब्बन और पांगणा स्कूलों को सीबीएसई स्कूल बनाने, सनारली, मतेड़ और बनेड़ा में तीन नए पटवार सर्कल खोलने और तत्तापानी से बखरौट सड़क सुधार कार्य के लिए भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटीआई भवन को शीघ्र पूरा किया जाएगा और इसमें एआई तथा मशीन लर्निंग के कोर्स शुरू किए जाएंगे। उन्होंने करसोग अस्पताल में जल्द रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के दौरान करसोग क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ। 94 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिन्हें पुनर्निर्माण के लिए प्रत्येक को सात लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बादल फटने की घटनाओं के वैज्ञानिक कारणों का भी अध्ययन करा रही है ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं की रोकथाम की जा सके।
जनसभा में मुख्यमंत्री ने भाजपा पर राज्य की वित्तीय प्रगति में अड़ंगे डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने अपने शासनकाल में एडिशनल बॉरोइंग की अनुमति ली थी, लेकिन अब वही नेता विकास कार्यों में रुकावटें पैदा कर रहे हैं। सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य की ऋण सीमा में 1600 करोड़ रुपये की कटौती की है, फिर भी कांग्रेस सरकार ओपीएस से पीछे नहीं हटेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शीघ्र ही सभी पात्र महिलाओं को 1500 रुपये पेंशन प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने ठेकेदारों को लाभ देने के लिए 1000 करोड़ रुपये के अनावश्यक भवन बना दिए। सिराज के छतरी में बने 40 करोड़ के आईटीआई भवन में आज मात्र 18 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।

सुक्खू ने कहा कि पिछली डबल इंजन सरकार ने प्रदेश का खजाना खाली किया, जबकि मौजूदा सरकार पारदर्शी और जनहितकारी योजनाओं के माध्यम से विकास को गति दे रही है। उन्होंने बताया कि भाजपा के समय हिमाचल शिक्षा में 21वें स्थान पर था, लेकिन अब सरकार के प्रयासों से राज्य 5वें स्थान पर पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए सरकार ने दूध के दामों में 21 रुपये की वृद्धि की है। किसानों से गोबर और प्राकृतिक फसलों की खरीद कर उनकी आय बढ़ाई जा रही है। मनरेगा की दिहाड़ी में 80 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में दो वर्षों में 200 डॉक्टरों की भर्ती की गई है और 200 और नियुक्त होंगे। चमियाणा अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज में अब रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। राज्य सरकार ने 27 वर्ष तक के 6000 अनाथ बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” के रूप में अपनाया है, जिनकी पढ़ाई और देखरेख की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठा रही है।

इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल ने कहा कि राज्य सरकार ने करसोग के आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज दिया है और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाए जा रहे हैं। वहीं मिल्कफेड अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से अब प्रतिदिन तीन लाख लीटर दूध की खरीद हो रही है, जो पहले मात्र 90 हजार लीटर थी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विधवा एवं एकल नारी आवास योजना के तहत 12 लाभार्थियों को 18 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी और चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट योजना के तहत बच्चों को मदद राशि व भूमि के कागजात भी प्रदान किए।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, विधायक दीप राज, पूर्व सीपीएस सोहन लाल ठाकुर, डीसी अपूर्व देवगन, एसपी साक्षी वर्मा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।



