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कांग्रेस में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं, वरिष्ठ नेताओं पर आरोप लगाने वालों पर होगी कार्रवाई’: जिंटा

कांग्रेस ने अनुशासनहीनता और सार्वजनिक बयानबाजी पर सख्त रुख अपनाया

वरिष्ठ नेताओं और आलाकमान पर आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई के संकेत

9 जून को अनुशासन समिति की बैठक में होगा आगे की कार्रवाई पर फैसला


हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में पिछले कुछ दिनों से चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच पार्टी संगठन ने अनुशासन को लेकर कड़ा संदेश दिया है। प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री विनोद जिंटा ने स्पष्ट कहा है कि पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता, वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी और मीडिया के माध्यम से आरोप-प्रत्यारोप किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी की मर्यादा और अनुशासन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

शिमला स्थित राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान विनोद जिंटा ने कहा कि कांग्रेस एक अनुशासित और लोकतांत्रिक संगठन है, जहां हर कार्यकर्ता और पदाधिकारी को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतों और असहमति को सार्वजनिक मंचों पर उठाने के बजाय पार्टी के अधिकृत मंचों पर रखा जाना चाहिए।

जिंटा ने बिना नाम लिए हाल के दिनों में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कांग्रेस आलाकमान के खिलाफ लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी न केवल पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि सरकार और संगठन को भी बदनाम करने का प्रयास करती है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी पदाधिकारी या कार्यकर्ता को किसी विषय पर शिकायत है तो उसके लिए पार्टी के भीतर उचित व्यवस्था मौजूद है। ऐसे मामलों को संगठनात्मक मंचों पर उठाया जाना चाहिए, न कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से। जिंटा ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व हमेशा अपने कार्यकर्ताओं की बात सुनने के लिए तैयार रहता है, लेकिन पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

पत्रकार वार्ता के दौरान विनोद जिंटा ने पूर्व कांग्रेस उपाध्यक्ष नीरज भारती का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि उन्हें संगठन या सरकार को लेकर कोई शिकायत थी तो उसे पार्टी मंच पर उठाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से लगातार आरोप लगाना संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ है।

इस पूरे विवाद के बीच अब सबकी नजरें 9 जून को होने वाली प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की बैठक पर टिकी हैं। दोपहर दो बजे राजीव भवन में प्रस्तावित इस बैठक में पार्टी अनुशासन से जुड़े विभिन्न मामलों पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि बैठक में हालिया घटनाक्रम पर भी विस्तार से विचार होगा और आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस संगठन इस मामले के जरिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश देना चाहता है कि पार्टी मंच के बाहर जाकर नेतृत्व पर सवाल उठाने को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे में अनुशासन समिति की बैठक के फैसले पर प्रदेश की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष अमित नंदा, महासचिव हरिकृष्ण हिमराल और यशपाल तनाइक भी मौजूद रहे।