➤गिरी नदी किनारे करोड़ों से बना विरासती पार्क ताले में कैद
➤तीन विधानसभा क्षेत्रों की जनता निराश लौट रही है
➤वन विभाग की लापरवाही पर जनता में आक्रोश
Himachal heritage park locked after inauguration: नेशनल हाईवे-707 पर गिरी नदी के किनारे करोड़ों की लागत से बना एक भव्य विरासती पार्क विभागीय लापरवाही का शिकार हो गया है। यह पार्क अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के अद्भुत संगम के लिए क्षेत्र में खास पहचान बना सकता था, लेकिन अफसरशाही की सुस्ती ने इसे केवल एक बंद ताले वाला शोपीस बना छोड़ा है।
यह विरासती पार्क तीन विधानसभा क्षेत्रों—पांवटा साहिब, शिलाई और श्री रेणुका जी—की सीमाओं पर स्थित है। इसका उद्घाटन स्वयं विधानसभा उपाध्यक्ष ने धूमधाम से किया था। उद्घाटन के बाद उम्मीद की जा रही थी कि यह क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन केंद्र और हेरिटेज प्वाइंट बनेगा। यहां लगे फुटपाथ, बैठने की सुंदर व्यवस्था, हरे-भरे लॉन, पारंपरिक भित्तियां और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक इसे खास बनाते हैं।
स्थानीय लोगों और पर्यटकों की उम्मीदें तब टूट जाती हैं जब वे रोजाना यहां पहुंचकर बंद ताले को देख निराश लौट जाते हैं। इलाके के निवासी रमेश तोमर का कहना है कि उन्होंने कई बार विभाग से संपर्क किया लेकिन कोई ठोस जवाब या समाधान नहीं मिला। यह हालत तब है जब खुद उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान का निर्वाचन क्षेत्र भी इससे प्रभावित हो रहा है।
एसडीएम गुंजित सिंह चीमा ने माना कि पार्क का बंद रहना चिंता का विषय है और इस पर शीघ्र फैसला होना चाहिए। सवाल उठता है कि जब करोड़ों रुपए खर्च कर यह निर्माण हुआ और उद्घाटन तक पूरा हो गया, तो जनता के लिए इसे खोलने में ऐसी लापरवाही क्यों हो रही है?
सरकारें मंचों पर पर्यटन विकास, रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण के दावे करती हैं, लेकिन ऐसी योजनाओं की बर्बादी उन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री और विभाग तुरंत संज्ञान लें, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करें और पार्क को जनता के लिए खोलने का आदेश दें।



