➤ दीपक राठौर को तेलंगाना कांग्रेस का ऑब्जर्वर बनाया, संगठन सृजन अभियान में मिली बड़ी जिम्मेदारी
➤ राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं राठौर, 2017 में ठियोग से कांग्रेस प्रत्याशी रह चुके
➤ पांच राज्यों में कांग्रेस ने नियुक्त किए ऑब्जर्वर, संगठन मजबूत करने पर हाईकमान का फोकस
शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के नेता और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर को कांग्रेस हाईकमान ने बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने उन्हें तेलंगाना कांग्रेस का ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति पार्टी के संगठन सृजन अभियान के तहत की गई है।
कांग्रेस की ओर से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और पार्टी की गतिविधियों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पांच राज्यों के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। इनमें पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, हरियाणा, लद्दाख और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इसी क्रम में हिमाचल के दीपक राठौर को तेलंगाना की जिम्मेदारी दी गई है।
इस संबंध में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से देर रात आदेश जारी किए गए। दीपक राठौर की नियुक्ति को हिमाचल के कांग्रेस संगठन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के करीब रहने वाले नेताओं में गिना जाता है।
संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं दीपक राठौर
दीपक राठौर लंबे समय से कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने राजीव गांधी पंचायती राज संगठन में भी अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली हैं। संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी के जमीनी ढांचे से जुड़े रहने के कारण उन्हें कांग्रेस के भीतर सक्रिय संगठनकर्ता के तौर पर देखा जाता है।
राठौर वर्तमान में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) के उपाध्यक्ष हैं। इससे पहले वह सक्रिय राजनीति में भी चुनाव लड़ चुके हैं। वर्ष 2017 में उन्होंने शिमला जिले की ठियोग विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर विधानसभा चुनाव लड़ा था।
ठियोग सीट से चुनाव लड़ने के बाद भी वह पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे और कांग्रेस के विभिन्न अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
राहुल गांधी के करीबी नेताओं में होती है गिनती
दीपक राठौर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व और खास तौर पर राहुल गांधी के करीबी नेताओं में माना जाता है। पार्टी संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने और केंद्रीय नेतृत्व के साथ काम करने का अनुभव अब तेलंगाना की जिम्मेदारी में उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के तहत जिन राज्यों में ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं, वहां पार्टी संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने और जमीनी स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर जोर दिया जा रहा है।
ऐसे में तेलंगाना जैसे महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी हिमाचल के एक नेता को दिया जाना पार्टी के भीतर उनकी संगठनात्मक भूमिका के विस्तार के तौर पर भी देखा जा रहा है।
पांच राज्यों में कांग्रेस ने नियुक्त किए ऑब्जर्वर
कांग्रेस हाईकमान ने केवल तेलंगाना ही नहीं, बल्कि पांच राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्र के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं। पार्टी की योजना संगठन सृजन अभियान के माध्यम से राज्यों में संगठन को और मजबूत करने की है।
इस अभियान के तहत पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, हरियाणा, लद्दाख और उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय की गई हैं। ऑब्जर्वरों को पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को आगे बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
दीपक राठौर को तेलंगाना का ऑब्जर्वर बनाए जाने से उन्हें राज्य कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, हिमाचल से बाहर पार्टी के संगठनात्मक काम में उनकी भूमिका बढ़ेगी।
नियुक्ति के बाद दीपक राठौर ने जताया कांग्रेस नेतृत्व का आभार
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद दीपक राठौर ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए वह पूरी निष्ठा के साथ काम करेंगे।
राठौर ने AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, AICC महासचिव रजनी पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने जो भरोसा उन पर जताया है, उसे पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उनका कहना है कि पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के लिए वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेंगे।
हिमाचल से बाहर बढ़ी राठौर की संगठनात्मक भूमिका
दीपक राठौर को तेलंगाना का ऑब्जर्वर बनाए जाने के बाद उनकी राजनीतिक और संगठनात्मक भूमिका का दायरा हिमाचल से बाहर भी बढ़ गया है। ठियोग से चुनाव लड़ने, पंचायती राज संगठन में जिम्मेदारियां निभाने और हिमाचल में पार्टी संगठन के साथ सक्रिय रहने के बाद अब उन्हें दूसरे राज्य में कांग्रेस के संगठनात्मक अभियान की जिम्मेदारी मिली है।
कांग्रेस के लिए संगठन सृजन अभियान का उद्देश्य पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर अधिक सक्रिय करना है। ऐसे में तेलंगाना की जिम्मेदारी राठौर के लिए संगठनात्मक अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।
अब देखना होगा कि तेलंगाना में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए दीपक राठौर की भूमिका किस तरह सामने आती है और पार्टी के इस अभियान को राज्य में कितना विस्तार मिलता है।



